छत्तीसगढ़ के व्यवसायी को झारखंड शराब घोटाले में मिली जमानत
रांची । डेस्क: रांची की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के व्यवसायी सिद्धार्थ सिंहानिया और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश को कथित बहु-करोड़ झारखंड शराब घोटाले में जमानत दे दी है.
एसीबी ने इस मामले में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है, जबकि FIR दर्ज होने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 90 दिन बीत चुके हैं. इसके परिणामस्वरूप, गिरफ्तार व्यक्तियों को डिफॉल्ट जमानत के प्रावधानों के तहत रिहाई मिल रही है.
इससे पहले, उसी अदालत ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पूर्व सचिव, निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे और आबकारी विभाग के दो अधिकारियों को जमानत दी थी.
सिद्धार्थ सिंहानिया, रायपुर के एक प्रमुख शराब व्यवसायी, को 19 जून को उनके आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए रांची लाया गया.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के दौरान, सिंहानिया के रायपुर स्थित आवास पर छापेमारी में एक डायरी बरामद हुई थी.
एसीबी के अनुसार, इस डायरी में झारखंड में एक "सिंडिकेट साजिश" का विवरण था.
डायरी में कथित तौर पर आबकारी अधिकारियों को प्रभावित करने, शराब व्यापार में बाधाओं को "प्रबंधित" करने और कार्टेल के लिए राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त करने की रणनीतियों के प्रविष्टियां थीं.
रिटायर्ड झारखंड-कैडर आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश को 17 जून को पूछताछ के लिए समन का जवाब न देने के बाद हिरासत में लिया गया था.
एसीबी ने झारखंड शराब घोटाले में अब तक 16 व्यक्तियों को नामित किया है, जिनमें से 12 को गिरफ्तार किया गया है.
हालांकि, शुक्रवार के आदेश के साथ, अधिकांश आरोपी जिनमें वरिष्ठ नौकरशाह और व्यवसायी शामिल हैं अब जमानत पर रिहा हो चुके हैं.