नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास पहुंचाना ज़रूरी- सीएम साय
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सरकार के दो साल पूरे होने पर कहा कि अकेले माओवाद को खत्म करना ही काफी नहीं है, बल्कि सरकार को प्रभावित क्षेत्रों तक विकास भी पहुंचाना होगा.
रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, बस्तर के लिए सरकार की दृष्टि से जुड़े एक सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा, "देखिए, हम जानते हैं कि केवल नक्सलवाद को खत्म करना पर्याप्त नहीं होगा और हमें उस क्षेत्र में विकास पहुंचाना होगा, और हमने ऐसा करना शुरू कर दिया है." यह बयान केंद्र द्वारा देश में माओवाद को खत्म करने के लिए निर्धारित मार्च 2026 की समय सीमा के संदर्भ में आया है.
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि माओवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है. उन्होंने अपने संबोधन में बताया, "पिछले दो वर्षों में, 505 नक्सलियों को बेअसर किया गया है, 2,386 ने आत्मसमर्पण किया है, और 1,901 को गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा और विकास के माध्यम से बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है."
उन्होंने 'नियद नेल्ला नार' योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत दूर-दराज के गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में स्कूल फिर से खुल गए हैं, और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन क्षेत्र के लिए एक नई पहचान बना रहे हैं. उन्होंने बस्तर को पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया.
जनता के विश्वास की बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में उनकी सरकार के प्रति जनता का विश्वास और भी मजबूत हुआ है, और उन्होंने लोगों से किए गए वादों को "पूरी वफादारी और प्रतिबद्धता" के साथ पूरा किया है.
सरकार की उपलब्धियों को सूचीबद्ध करते हुए, श्री साय ने बताया कि सरकार बनने के दूसरे ही दिन, 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास को मंजूरी दी गई. इसके अलावा, "किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीद प्रदान की जा रही है, जिससे खेती एक लाभदायक व्यवसाय बन रही है."