भिलाई: स्कूली छात्राओं ने बनाया सीवर क्लीनर रोबोट, राष्ट्रपति भवन से आया बुलावा
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में रहने वाली दो छात्राओं, कविता साहू और अंजलि चौहान ने अपनी असाधारण सोच और नवाचार से देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है. वैशाली नगर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की इन छात्राओं ने एक ऐसा रोबोट विकसित किया है जो मैनहोल और सीवर लाइनों के भीतर जाकर सफाई और निरीक्षण करने में सक्षम है.
इस आविष्कार का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता कर्मचारियों को जहरीली गैसों और खतरनाक सीवर प्रणालियों में उतरने के जोखिम से बचाना है. कक्षा 11वीं की छात्रा कविता और 12वीं की छात्रा अंजलि ने इस प्रोजेक्ट को अपने स्कूल की 'अटल टिंकरिंग लैब' में केमिस्ट्री लेक्चरर रितु हांडा के मार्गदर्शन में तैयार किया है.
इस रोबोट की खासियत यह है कि यह पाइप की चौड़ाई के अनुसार अपना आकार बदल सकता है और उन संकरी जगहों पर भी काम कर सकता है जहाँ इंसानों का पहुँचना असंभव है.
कविता को इस नवाचार की प्रेरणा अपने एक दोस्त के पिता की गिरती सेहत को देखकर मिली, जो सीवर सफाई का काम करते थे.
नीति आयोग द्वारा आयोजित 'स्कूल इनोवेशन मैराथन' में करीब 1.5 लाख प्रविष्टियों में से इस प्रोजेक्ट को शीर्ष 10 में चुना गया है.
इस बड़ी उपलब्धि के लिए कविता साहू को 26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया गया है, जबकि अंजलि चौहान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलने का अवसर मिलेगा.
स्कूल की प्राचार्य संगीता सिंह बघेल और प्रबंधन ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है, क्योंकि एक ऑटो चालक की बेटी ने अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल किया है.