बस्तर: नक्सलियों का 3 महीनों में 20 करोड़ का सोना और कैश जब्त
बस्तर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले तीन महीनों के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जंगलों में छिपाकर रखे गए गुप्त ठिकानों से लगभग 18 से 20 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और नकदी बरामद की है.
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि हाल के दिनों में चलाए गए तलाशी अभियानों में करीब 6.75 करोड़ रुपये नकद और 8 किलो सोना बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये आंकी गई है.
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च की समय सीमा के बाद तेज किए गए अभियानों का हिस्सा है.
जांच में सामने आया है कि नोटबंदी के बाद नक्सलियों ने लेवी और जबरन वसूली से इकट्ठा किए गए कैश को सोने में बदलना शुरू कर दिया था, जिसे बाद में जमीन के नीचे ड्रमों और गुप्त गड्ढों में छिपा दिया गया.
स्थानीय जानकारों का कहना है कि नक्सली मुख्य रूप से तेंदूपत्ता व्यापारियों, ठेकेदारों, जन प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों से वसूली कर अपना फंड जुटाते थे.
पुलिस को इन गुप्त ठिकानों का पता लगाने में उन आत्मसमर्पित नक्सलियों से बड़ी मदद मिल रही है, जो अब मुख्यधारा में लौटकर पुनर्वास का लाभ ले रहे हैं.
हालांकि, कई बड़े नक्सली नेताओं के मुठभेड़ में मारे जाने के कारण कई ठिकानों की जानकारी उनके साथ ही दफन हो गई है, जो पुलिस के लिए अब भी एक चुनौती बनी हुई है.
मार्च में 14 करोड़ रुपये और मई में नारायणपुर व दंतेवाड़ा से भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक बरामद किए जा चुके हैं. पुलिस का मानना है कि इस तरह की वित्तीय चोट से नक्सलियों की कमर टूट जाएगी और क्षेत्र में शांति बहाली की प्रक्रिया तेज होगी.