बस्तर: सुकमा के 30 आदिवासी परिवारों ने छोड़ा ईसाई धर्म
सुकमा । संवाददाता: सुकमा जिले के सौतनार गांव में भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम के मार्गदर्शन में करीब 30 आदिवासी परिवारों ने ईसाई धर्म को अलविदा कहते हुए अपनी प्राचीन आदिवासी परंपराओं को फिर से अपनाया. यह कदम बस्तर क्षेत्र में उभरते सांस्कृतिक जागरण का हिस्सा बन गया है.
लंबे समय से बस्तर में धर्म परिवर्तन को लेकर बहस और संघर्ष चले आ रहे हैं. अतीत में कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाएं भी हुईं, दावा है कि यहां की यह प्रक्रिया पूरी तरह सहमति पर आधारित और शांत रही. ग्रामीणों का मानना है कि उन्होंने बिना किसी बाध्यता के अपने पारंपरिक देवताओं और रीति-रिवाजों को चुना.
राजनीतिक नजरिए से यह घटना खास है, क्योंकि भाजपा इसे स्थानीय स्तर पर सकारात्मक सामाजिक अभियान के रूप में देख रही है.