बस्तर में शुरू होगा हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर में 240 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जल्द शुरू होने वाला है, इसके लिये बुधवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है.
इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं. राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है.
यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा. इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे. ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी.
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें. बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है.
पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे. उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है.
गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है.