धर्मांतरण पर प्रभावी रोक के लिए कानून लाने की घोषणा
रायपुर । संवाददाता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि प्रदेश में धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विधानसभा में कानून पारित किया जाएगा, जिससे सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा हो सके. गुरूवार को रायगढ़ के धरमजयगढ़ में आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव न केवल राजनीति के मार्गदर्शक थे, बल्कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के सच्चे ध्वजवाहक भी थे.
उन्होंने कहा कि स्व. जूदेव जी ने "घर वापसी" के माध्यम से दबाव या बाहरी प्रभाव में आकर धर्मांतरण करने वालों को उनके मूल धर्म में लौटने का मार्ग दिखाया. विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध सशक्त आंदोलन खड़ा किया और लोगों को उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जोड़ा.
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव राजनीति के पुरोधा होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी जीवनभर समर्पित रहे.
उन्होंने बताया कि सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ₹3,716 करोड़ का बकाया बोनस 13 लाख से अधिक किसानों को दिया गया, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया और महतारी वंदन योजना के तहत धरमजयगढ़ की लगभग 57 हजार महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है.
पीएम आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 26,059 घर केवल धरमजयगढ़ के हैं.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, धान खरीदी ₹3,100 प्रति क्विंटल, बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर वृद्धि, चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना, तीर्थयात्रा योजना, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और नामांतरण-रजिस्ट्री प्रक्रिया सरलीकरण जैसे कार्य जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है. इसमें सड़कों, पुल-पुलिया, विद्युत और स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं.