छत्तीसगढ़: नाराज स्वास्थ्य मितानिनों का हल्ला बोल
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में किए गए वादों के अमल में न आने से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा है. प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के नेतृत्व में कोरबा सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मितानिनों, प्रशिक्षकों, ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों और हेल्थ डेस्क फैसिलिटेटरों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाई.
इस दौरान जिला मुख्यालयों पर विशाल रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें चुनावी घोषणा के अनुरूप मानदेय में तत्काल 50 फीसदी की बढ़ोतरी करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविलियन कर सेवा को स्थायित्व प्रदान करने की पुरजोर मांग की गई.
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है.
ग्रामीण और सुदूर अंचलों तक चिकित्सा तंत्र को मजबूती देने वाली इन महिला कार्यकर्ताओं ने अपनी बदहाली और चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना संकट के समय से ही वे अग्रिम पंक्ति की स्वास्थ्य कर्मी के रूप में चौबीसों घंटे सेवाएं दे रही हैं.
इसके बावजूद वर्तमान में उन्हें मिलने वाला पारिश्रमिक बेहद कम है, जिससे इस कमरतोड़ महंगाई के दौर में उनके लिए परिवार का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बन गया है.
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के समय किए गए वादों को बीते तीन साल का लंबा वक्त गुजर चुका है, लेकिन अब तक शासन स्तर पर इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण इन फ्रंटलाइन वर्करों के बीच असंतोष गहराता जा रहा है.
आंदोलन के सिलसिले में गुरुवार को जिले के अलग-अलग विकासखंडों से भारी संख्या में मितानिन कार्यकर्ता घंटाघर चौक पर एकत्रित हुईं और वहां से कलेक्ट्रेट परिसर तक बैनर-पोस्टरों व गगनभेदी नारों के साथ पैदल मार्च निकाला. इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए पूरे कलेक्ट्रेट और धरना स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा.
बेहद दिलचस्प बात यह रही कि जहां एक तरफ मितानिनें अपनी मांगों को लेकर मुखर थीं, वहीं इसी दौरान घंटाघर के पास सुरक्षा बलों व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में एक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत प्रदर्शनकारी महिलाओं को नए कानून 'भारतीय न्याय संहिता' से संबंधित पम्पलेट बांटकर नए कानूनी प्रावधानों के प्रति सजग व शिक्षित किया गया.