छत्तीसगढ़: 24 घंटे चलने वाले 'सीएम हेल्पलाइन 1076' शुरू
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को रायपुर में बहुप्रतीक्षित 'सीएम हेल्पलाइन 1076' और इसके आधिकारिक लोगो का शुभारंभ किया. इस टोल-फ्री हेल्पलाइन के जरिए राज्य के लोग न केवल अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, बल्कि विकास नीतियों को लेकर सरकार को अपने सुझाव भी दे सकेंगे.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार हर नागरिक की शिकायत को सुनने, उसे तय समय सीमा के भीतर हल करने और एक जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि 'सुशासन तिहार' अभियान के दौरान मिले फीडबैक से यह साफ हो गया था कि जनता से सीधे जुड़ाव के लिए एक मजबूत और स्थायी तंत्र की जरूरत है, जिसके बाद इस हेल्पलाइन को तैयार किया गया है.
डिजिटल तकनीक और वॉट्सऐप से जुड़ाव:
डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए इस हेल्पलाइन को वॉट्सऐप से भी जोड़ा गया है, ताकि लोग अपने मोबाइल फोन के जरिए आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकें. यह प्रणाली बेहद व्यापक है, जिसमें 42 सरकारी विभागों के लगभग 8,000 अधिकारी शामिल हैं. शिकायतों के निपटारे के लिए 1,195 श्रेणियां बनाई गई हैं ताकि हर समस्या का समय पर समाधान हो सके.
शिकायतों की ऑनलाइन ट्रैकिंग और ऑटो-एस्केलेशन:
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर शिकायत को एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (विशिष्ट पहचान संख्या) दिया जाएगा, जिससे नागरिक अपनी शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नागरिक दिए गए समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसकी शिकायत स्वतः ही उच्च अधिकारियों के पास पुनर्मूल्यांकन के लिए चली जाएगी. इससे शिकायतों के सतही निपटारे पर रोक लगेगी.
यह सीएम हेल्पलाइन सातों दिन और 24 घंटे काम करेगी, जिसके लिए कर्मचारियों को तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है. इसकी निगरानी के लिए एक समर्पित डैशबोर्ड बनाया गया है, जिसके जरिए विभागों के सचिव नियमित रूप से और मुख्यमंत्री सचिवालय लगातार इस पूरी व्यवस्था की ओवरसाइट करेगा.
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के सिद्धांत का जिक्र करते हुए कहा कि यह हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि राज्य के विकास में जनभागीदारी बढ़ाने का एक प्रभावी जरिया भी है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने एक प्रस्तुति के माध्यम से इस पूरी प्रणाली की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी.