छत्तीसगढ़ की बेटी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं
अंबिकापुर । संवाददाता: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अब छत्तीसगढ़ के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं. छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज शहर के वार्ड नंबर 8 में रहने वाले प्रमुख उद्योगपति अमीरचंद गुप्ता और उनकी पत्नी तारा गुप्ता की सबसे छोटी बेटी डॉ. स्मिता पूर्वे को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बिहार के सीतामढ़ी जिले की परिहार विधानसभा सीट (नंबर 25) से टिकट थमा दिया है. यह खबर आते ही न सिर्फ बिहार के परिहार और सीतामढ़ी इलाके में हर्षोल्लास का माहौल है, बल्कि छत्तीसगढ़ में भी लोगों के सीने चौड़े हो गए हैं.
परिहार विधानसभा क्षेत्र नेपाल की सीमाओं से लगे एक महत्वपूर्ण इलाके के रूप में जाना जाता है. दिलचस्प बात यह है कि डॉ. स्मिता पूर्वे का वैवाहिक संबंध बिहार के दिग्गज राजनेता और पूर्व मंत्री डॉ. रामचंद्र पूर्वे के परिवार से है. वे डॉ. रामचंद्र पूर्वे के सुपुत्र की जीवनसंगिनी हैं, जिन्होंने स्वयं इस क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं.
आरजेडी के सर्वेसर्वा लालू प्रसाद यादव और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने डॉ. स्मिता की सामाजिक सकलता, शिक्षा क्षेत्र में योगदान और महिला उत्थान की दिशा में उनके प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है.
डॉ. स्मिता पूर्वे वर्षों से विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रही हैं. शिक्षा के प्रसार और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनका योगदान सराहनीय रहा है. टिकट मिलने की सूचना मिलते ही उनके समर्थक उत्साह से लबरेज हो उठे.
बिहार के परिहार में जहां जश्न का दौर चल रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में भी गर्व की लहर दौड़ गई. स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि स्मिता पूर्वे विधायक चुनी जाती हैं, तो न केवल बिहार बल्कि छत्तीसगढ़ का मान भी बढ़ेगा.
घोषणा के ठीक बाद रामानुजगंज शहर में आनंद का ठिकाना न रहा. जगह-जगह पटाखों की गूंज सुनाई दी और मिठाइयों का वितरण हुआ. स्मिता की मां तारा गुप्ता ने खुशी से चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हुए कहा, "बेटी के बिहार में चुनाव लड़ने पर दिल बाग-बाग हो गया है. मुझे पूर्ण भरोसा है कि लल्ली जरूर विजयी होगी."
वहीं, पिता अमीरचंद गुप्ता ने गौरवान्वित स्वर में बताया, "बेटी के इस कदम से परिवार और पूरे शहर को अपार प्रसन्नता हो रही है. यह हमारे लिए सच्चा सम्मान है."