ईरान में कोहराम: आर्थिक संकट पर प्रदर्शन, इंटरनेट बंद और 21 की मौत
तेहरान । डेस्क: ईरान में गहराते आर्थिक संकट और स्थानीय मुद्रा के गिरते मूल्य के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब देशव्यापी जन-आंदोलन में बदल गया है. इसके चलते प्रशासन ने पूरे देश में इंटरनेट सेवाओं पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है.
ऑनलाइन निगरानी समूह 'नेटब्लॉक्स' के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनों को कुचलने और सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए 'डिजिटल सेंसरशिप' का सहारा लिया है. दिसंबर के अंत से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 21 लोगों की जान जा चुकी है.
राजधानी तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आसमान छूती महंगाई और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में विफलता ने उनके धैर्य को खत्म कर दिया है.
हालात की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरानी अधिकारियों से शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का सम्मान करने और हिंसा रोकने की अपील की है.
इस बीच, ईरानी नेतृत्व की ओर से विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं; जहाँ राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने संयम बरतने की बात कही है, वहीं सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और मुख्य न्यायाधीश गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई ने प्रदर्शनकारियों को 'उपद्रवी' करार देते हुए उन पर अमेरिका और इजरायल के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया है.
दूसरी ओर, एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी मानवाधिकार संस्थाओं ने सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे अस्पतालों में छापेमारी कर रहे हैं और घायल प्रदर्शनकारियों व चिकित्साकर्मियों को निशाना बना रहे हैं.
ईरान में साल 2022-23 में महसा अमीनी की मौत के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है.