डेमोग्राफिक बदलावों से निपटने को केंद्र की हाई-लेवल कमेटी
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों और अवैध प्रवासन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन से जुड़े प्रस्ताव को अधिसूचित कर दिया है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, देश के कुछ विशेष क्षेत्रों में जनसांख्यिकी में बड़े बदलाव देखे गए हैं.
मंत्रालय का कहना है कि ये बदलाव सामान्य प्रजनन क्षमता या मृत्यु दर के रुझानों के कारण नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे अवैध अप्रवास, अनियमित जनसंख्या गतिशीलता और प्रशासनिक ढिलाई जैसे बाहरी व असामान्य कारक जिम्मेदार हैं.
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हालांकि ये बदलाव सबसे स्पष्ट रूप से सीमावर्ती जिलों में दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अब इनका असर केवल वहीं तक सीमित नहीं है. इसका प्रभाव अब शहरी केंद्रों, औद्योगिक गलियारों, जनजातीय क्षेत्रों और अन्य सामाजिक व आर्थिक रूप से संवेदनशील इलाकों तक फैल चुका है.
इस वजह से सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति, स्थानीय शासन, संसाधनों के वितरण और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मंत्रालय के मुताबिक, वर्तमान संस्थागत ढांचा इस तरह के जनसांख्यिकीय बदलावों का समयबद्ध, साक्ष्य-आधारित और समन्वित मूल्यांकन करने या इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए पूरी तरह सक्षम नहीं है.
यही कारण है कि इस नई समिति का गठन किया गया है. यह समिति देश में "जनसंख्या स्थिरीकरण" के लिए एक उपयुक्त संस्थागत व्यवस्था और नीति की सिफारिश भी करेगी. गौरतलब है कि देश में आखिरी बार जनगणना साल 2011 में की गई थी, और अगली जनगणना का काम साल 2027 में होना तय है.