निकोटीन पाउच की अवैध बिक्री पर केंद्र का राज्यों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश
नई दिल्ली । डेस्क: भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अवैध रूप से बेचे जा रहे निकोटीन पाउच (Nicotine Pouches) की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़ा निर्देश दिया है. मंत्रालय ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य और खासकर बच्चों व युवाओं के लिए बड़ा जोखिम बताते हुए ड्रग कानून के प्रावधानों के तहत जब्ती और कानूनी कार्रवाई करने को कहा है.
देश में निकोटीन पाउच पूरी तरह से गैर-कानूनी और अप्रमाणित हैं, फिर भी इन्हें ऑनलाइन माध्यमों और स्थानीय दुकानों के जरिए धड़ल्ले से बेचा और तस्करी किया जा रहा है.
जून में आई एक केंद्रीय रिपोर्ट के अनुसार, 18 से 40 वर्ष के युवाओं के बीच फिलिप मॉरिस के 'ज़िन' (Zyn) और स्वीडिश स्मोकलेस के 'व्हाइट फॉक्स' (White Fox) जैसे वैश्विक ब्रांड्स की खपत तेजी से बढ़ी है.
तंबाकू कंपनियों द्वारा इन्हें सिगरेट के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार के मुख्य ड्रग पैनल (DTAB) का मानना है कि ये पाउच अत्यधिक लत लगाने वाले हैं और धूम्रपान छुड़ाने में कारगर सिद्ध नहीं हुए हैं.
ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने जनहित में निकोटीन के किसी भी नए फॉर्मूले को मंजूरी न देने की सिफारिश की है.
हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट के ड्यूटी-फ्री स्टोर्स पर भी इनकी अवैध बिक्री का मामला सामने आया था, जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी-फ्री स्टोर्स भी देश के कानूनों से ऊपर नहीं हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को कड़े कदम उठाकर इस अवैध व्यापार पर तुरंत लगाम कसने के आदेश दिए हैं.