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CBSE 12वीं रिजल्ट जारी, छत्तीसगढ़ में 80.88% छात्र सफल

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13 मई 2026, 11:27 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

CBSE 12वीं रिजल्ट
CBSE 12वीं रिजल्ट

रायपुर | संवाददाता: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education (CBSE) ने बुधवार को कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया. रिजल्ट घोषित होते ही छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला. छत्तीसगढ़ से इस वर्ष लगभग 34 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीयन कराया था, जिनमें से 33 हजार 987 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए.


इस साल रायपुर रीजन का कुल पास प्रतिशत 80.88 रहा. हालांकि यह राष्ट्रीय औसत 85.20 प्रतिशत से कम है. 


देशभर के CBSE रीजन की तुलना में रायपुर रीजन को 18वां स्थान मिला है. पिछले साल की तुलना में इस बार रायपुर रीजन के परिणाम में 4.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिसे शिक्षा विशेषज्ञ चिंता का विषय मान रहे हैं.


लड़कियों ने फिर दिखाई बेहतर प्रदर्शन क्षमता


रिजल्ट आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा. परीक्षा में शामिल 16,330 छात्राओं में से 13,463 पास हुईं, जिससे उनका पास प्रतिशत 82.44 रहा. वहीं 17,657 लड़कों में से 14,026 सफल हुए और उनका पास प्रतिशत 79.44 दर्ज किया गया.


शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से बोर्ड परीक्षाओं में छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. नियमित अध्ययन, अनुशासन और परीक्षा के प्रति गंभीरता इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.


506 स्कूलों के विद्यार्थियों ने दी परीक्षा


इस वर्ष छत्तीसगढ़ के कुल 506 CBSE संबद्ध स्कूलों के विद्यार्थियों ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में हिस्सा लिया. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 166 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई थी और अधिकांश केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक बताई गई थीं.


रिजल्ट जारी होने के बाद स्कूलों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला. कई स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर सफलता का जश्न मनाया. वहीं कुछ छात्र अपने अपेक्षित अंक नहीं मिलने से निराश भी नजर आए.


राष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा रहा रिजल्ट


देशभर में इस वर्ष CBSE 12वीं का कुल पास प्रतिशत 85.20 प्रतिशत रहा है. बोर्ड के अनुसार, अधिकांश रीजन में छात्राओं ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. बोर्ड का फोकस इस बार केवल अंकों के बजाय समग्र मूल्यांकन और मानसिक दबाव कम करने पर भी रहा.


CBSE ने इस बार भी अपनी पुरानी नीति जारी रखते हुए किसी प्रकार की मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है. बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र को “स्कूल टॉपर”, “जिला टॉपर” या “स्टेट टॉपर” घोषित न किया जाए.


Central Board of Secondary Education का कहना है कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव को कम करना है. बोर्ड लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि परीक्षा केवल सीखने और मूल्यांकन का माध्यम है, न कि छात्रों की क्षमता का अंतिम पैमाना.


छात्रों के लिए आगे क्या?


रिजल्ट जारी होने के बाद अब विद्यार्थियों के सामने उच्च शिक्षा और करियर को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लेने की चुनौती होगी. कई छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की तैयारी में जुटेंगे, जबकि कुछ छात्र विदेशों या केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश की तैयारी करेंगे.


शिक्षकों और काउंसलर्स ने छात्रों से अपील की है कि कम अंक आने पर निराश न हों और अपने रुचि तथा क्षमता के अनुसार आगे का रास्ता चुनें.


वहीं अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी लगातार मेहनत जारी रखने की सलाह दी गई है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP