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CBSE ने तीन-भाषा नियम में दी बड़ी राहत

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30 जून 2026, 05:51 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

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नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र के बीच में कक्षा 9 के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाएं पढ़ने की अनिवार्यता वाले अपने नए नियम में बड़ी ढील दी है. बोर्ड के इस फैसले से उन हजारों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है, जो सत्र के बीच में भाषा बदलने के फैसले का विरोध कर रहे थे.


CBSE द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, कक्षा 7, 8 और 9 के जो छात्र वर्तमान में दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, वे कक्षा 10वीं तक अपनी इन भाषाओं की पढ़ाई जारी रख सकते हैं. उन्हें तीसरी भाषा के रूप में केवल एक भारतीय भाषा पढ़नी होगी. इस फैसले से कक्षा 9 के छात्रों को सत्र के बीच में ही किसी विदेशी भाषा को छोड़कर जबरन भारतीय भाषा चुनने के तनाव से मुक्ति मिल गई है.

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क्या था विवाद और क्यों मिली राहत?


CBSE के पुराने नियम के तहत कक्षा 9 और 10 में छात्र अंग्रेजी के साथ कोई भी एक अन्य भाषा (चाहे वह विदेशी हो या भारतीय) चुन सकते थे. इसी नियम के तहत इस साल अप्रैल में शुरू हुए नए सत्र में कई छात्रों ने दो विदेशी भाषाएं चुन ली थीं. लेकिन पिछले महीने CBSE ने अचानक नया नियम लागू करते हुए सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया था कि 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें दो भारतीय भाषाओं का होना अनिवार्य है.


इस अचानक आए बदलाव का देश भर के शिक्षकों और अभिभावकों ने कड़ा विरोध किया था. अभिभावकों ने इस संबंध में संसदीय स्थायी समिति को पत्र भी लिखा था, जिसके बाद तत्कालीन समिति अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया था. चौतरफा दबाव के बाद बोर्ड ने इसे 'विशेष एकमुश्त राहत' (One-time relaxation) के रूप में टालने का फैसला किया.


कक्षा 6 के छात्रों के लिए कोई ढील नहीं


बोर्ड ने साफ किया है कि यह राहत केवल वर्तमान सत्र (2026-27) के कक्षा 7, 8 और 9 के छात्रों के लिए है. इस साल कक्षा 6 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए कोई ढील नहीं दी गई है. कक्षा 6 के छात्रों को इस सत्र की शुरुआत से ही अंग्रेजी के साथ दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी और यह नियम उनके लिए कक्षा 10वीं तक अनिवार्य रूप से लागू रहेगा.


तीसरी भाषा के लिए नहीं देनी होगी बोर्ड परीक्षा


छात्रों को एक और बड़ी राहत देते हुए CBSE ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों को इस साल से तीसरी भाषा पढ़नी पड़ रही है, उन्हें इसके लिए कोई मुख्य बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी. स्कूलों द्वारा इसके लिए केवल आंतरिक मूल्यांकन (Internal Exam) लिया जाएगा. यह व्यवस्था वर्तमान कक्षा 7, 8 और 9 के बैच के लिए लागू रहेगी. तीसरी भाषा के लिए पहली मुख्य बोर्ड परीक्षा साल 2031 में आयोजित की जाएगी, जो वर्तमान में कक्षा 6 में पढ़ रहे छात्रों के लिए होगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP