मंत्रिमंडल का होगा विस्तार, राज्यपाल से मिले सीएम साय
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है. शनिवार को अचानक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्यपाल रमेन डेका से मिलने पहुंचे. इसके बाद तो इस कयास को और बल मिल गया है.
शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल के जवाब में कहा था जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा. हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा लगातार चलती रही है और यह पहला मौका भी नहीं जब मुख्यमंत्री ने कहा हो कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द ही होगा.
छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार को बने 20 माह हो गए हैं, लेकिन अब तक साय सरकार का पूर्ण मंत्रिमंडल नहीं बन पाया है. फिलहाल साय सरकार में 10 मंत्री हैं. बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद एक मंत्री का पद खाली हुआ. एक पद पहले से खाली रखा गया है.
वहीं हरियाणा की तर्ज पर एक मंत्री का पद बढ़ेगा. इस तरह तीन नए मंत्री मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं.
इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रवाना होने वाले हैं. इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है की इससे पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. इन पांच दिनों के अंदर शपथ ग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी.
कयास तो यह भी लगाया जा रहा आज इस बैठक में नए मंत्रियों के नाम और शपथ ग्रहण की तारीख पर चर्चा की गई है.
कहा जा रहा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल बनाने पर सहमत हो चुका है. ऐसे में अब पहला मौका होगा जब छत्तीसगढ़ में 14 लोगों का मंत्रिमंडल होगा. अगर तीन मंत्री बनाए जाएंगे तो एक अन्य पिछड़ा वर्ग, एक अनुसूचित जाति और एक सामान्य वर्ग से बनाए जा सकते हैं.
पिछड़ा वर्ग से दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जा सकता है. गजेन्द्र यादव के पिता आरएसएस के प्रांत संचालक रहे हैं. साथ ही छत्तीसगढ़ में यादव समाज की बाहुल्यता को देखते हुए इन्हें मंत्री बनने का मौका मिल सकता है.
इनके अलावा मंत्रिमंडल की रेस में पिछड़ा वर्ग से कुरुद विधायक अजय चंद्राकर भी शामिल हैं. पिछले दिनों सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में चंद्राकर की नाराजगी भी देखने को मिली. वह लगातार विधानसभा में भी अपनी ही सरकार पर निशाना साधते रहे हैं.
इसी तरह सामान्य वर्ग से अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल को भी साय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उनकी दावेदारी प्रबल है. साथ ही पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भी इस सूची में शामिल हैं. बताया जा रहा है कि राजेश अग्रवाल को रायपुर से फोन आया है. उसके बाद से वह अंबिकापुर से रायपुर के लिए रवाना हो चुके हैं.
इसी तरह अनुसूचित जाति से मंत्री बनाए जाएंगे तो सतनामी गुरु खुशवंत को मौका मिल सकता है. खुशवंत रायपुर संभाग के आरंग से विधायक हैं. इस संभाग से अभी केवल टंकराम वर्मा ही मंत्री हैं. इससे पहले यहां से बृजमोहन अग्रवाल भी मंत्री रहे हैं. इस स्थिति में रायपुर संभाग को तवज्जो देने के साथ ही एससी वर्ग को साधने के लिए गुरु खुशवंत को मौका मिल सकता है.