भाजपा 'हिंसा मुक्त बंगाल' का मॉडल पेश करना चाहती हैं
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में राजनीतिक संस्कृति को बदलने का संकल्प दोहराते हुए 'हिंसा मुक्त बंगाल' का मॉडल पेश करने की तैयारी की है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने रविवार को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ प्रतिशोध या हिंसा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
पार्टी नेतृत्व ने सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे जमीनी स्तर तक यह संदेश पहुंचाएं कि भाजपा का लक्ष्य विकास और शांति का उदाहरण पेश करना है.
पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही जनता को यह महसूस होना चाहिए कि बंगाल में दशकों से चली आ रही राजनीतिक हिंसा का दौर अब समाप्त हो चुका है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद राज्य के घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि चुनावी नतीजों के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े.
भाजपा नेताओं के अनुसार, 2021 की चुनौतियों के बाद पार्टी ने अपने संगठन को फिर से खड़ा किया है और अब वे शासन के पहले दिन से ही एक सकारात्मक बदलाव दिखाना चाहते हैं.
हालांकि, जिला स्तर पर 2021 की हिंसा झेल चुके कार्यकर्ताओं को संयम के लिए राजी करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह शांतिपूर्ण राजनीतिक वातावरण स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.