'नफरत फैलाकर देश की संपत्ति लूटना चाहती है BJP'- RaGa
पटना । डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. रविवार को किशनगंज और पूर्णिया में जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने और देश की संपत्ति लूटने के लिए नफरत फैलाती है.
गांधी ने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी लोगों में डर पैदा करती है ताकि कोई भी 'सही सवाल' न पूछे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी केवल अडानी और अंबानी जैसे 'सूट-बूट' वाले लोगों से बात करते हैं, और कभी किसानों, मजदूरों या युवाओं से नहीं मिलते.
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि पीएम मोदी बिहार के किसानों, श्रमिकों या युवाओं से मिलते, तो वे उनसे खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयाँ, अस्पताल और रोज़गार की मांग करते. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी गरीबों से बात नहीं करना चाहते क्योंकि वे नौकरियों की कमी, अच्छे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का अभाव और युवाओं के पलायन के बारे में सवाल करेंगे.
उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी वार करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में रोज़गार को नष्ट कर दिया है, जबकि पीएम मोदी ने पूरे देश में यही काम किया है.
राहुल गांधी ने 'मेक इन बिहार' पर जोर देते हुए कहा, "आज बिहार में बिकने वाला सब कुछ चीन, वियतनाम, बांग्लादेश या कोरिया में बना है. हम चाहते हैं कि यहाँ बिकने वाले उत्पादों पर 'मेड इन बिहार' का टैग हो." उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने 20 साल में एक भी फूड-प्रोसेसिंग यूनिट नहीं लगाई, जबकि बिहार में अनानास, आम, मक्का और मखाना जैसी चीज़ें होती हैं. उन्होंने दावा किया कि जहाँ एक ओर गृह मंत्री अमित शाह झूठ बोलते हैं कि बिहार में उद्योगों के लिए जमीन नहीं है, वहीं दूसरी ओर अडानी को "केवल एक रुपये प्रति एकड़" की दर से जमीन दी जाती है.
उन्होंने वादा किया कि बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर अधिक सरकारी स्कूल और कॉलेज खोलकर शिक्षा में सुधार किया जाएगा. उन्होंने केंद्र में गठबंधन की सरकार बनने पर बिहार में दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में से एक बनाने का भी वादा किया.
राहुल गांधी ने एक बार फिर 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि उन्होंने कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में इसके सबूत दिखाए हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी, अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने बिहार के हर युवा, किसान और मज़दूर की ज़िम्मेदारी बताते हुए उनसे "वोट चोरी" रोकने और मतदान केंद्रों पर सतर्क रहने की अपील की.