बिलासपुर: सरकारी स्कूलों में अधिकारियों का औचक निरीक्षण, 2 प्राचार्यों को नोटिस
बिलासपुर । संवाददाता: बिलासपुर जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया. संयुक्त संचालक अश्विनी भारद्वाज और सहायक संचालक प्रकाश तिवारी की टीम ने बिल्हा, चकरभाठा, हरदी एवं हिर्री क्षेत्र के कई विद्यालयों में दबिश दी.
इस कार्रवाई में दो प्राचार्यों सहित 17 से अधिक व्याख्याता और शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले. विभागीय लापरवाही और अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दोनों प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
जांच के दौरान सबसे बदहाल स्थिति चकरभाठा स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय में देखने को मिली, जहां कुल 17 पदस्थ व्याख्याताओं में से प्राचार्य प्रदीप कुमार केरकेट्टा समेत 13 शिक्षक गायब थे. स्कूल में मौजूद महज 4 शिक्षक ही विद्यार्थियों को पढ़ाते पाए गए.
स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता के बाद भी पठन-पाठन का माहौल खराब मिलने पर अधिकारियों ने सख्त नाराजगी जताते हुए प्राचार्य को नोटिस थमाया और सभी शिक्षकों को नियमित कक्षाओं का संचालन करने के निर्देश दिए.
निरीक्षण टीम इसके बाद बिल्हा के स्वामी आत्मानंद स्कूल पहुंची, जहां 10 में से 8 व्याख्याता तो उपस्थित मिले, लेकिन संकुल शैक्षिक समन्वयक द्वारा नियमित रूप से अध्यापन न कराए जाने की प्रशासनिक शिथिलता सामने आई. इस पर वहां के प्राचार्य चंद्रमान ठाकुर को नोटिस जारी किया गया, जबकि खेल शिक्षक आशीष लहरे की उपस्थिति भी अनियमित पाई गई.
इसी दौरान पूर्व माध्यमिक शाला हरदी में नियमविरुद्ध तरीके से किए गए भृत्य कृष्ण कुमार के संलग्नीकरण की जानकारी मिलने पर संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी को उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने का आदेश दिया.
दौरे के अंत में अधिकारियों ने शासकीय प्राथमिक शाला हरदी में मध्याह्न भोजन का जायजा लिया, जहां खाने की बेहद खराब गुणवत्ता देखकर प्रधान पाठक शुक्ला और स्वसहायता समूह को तत्काल सुधार की चेतावनी दी गई. हालांकि, शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला हिर्री का निरीक्षण करने पर वहां शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह संतोषजनक पाई गई.