तेलंगाना में मजदूरी करने गए बीजापुर के आदिवासी की लू से मौत
छत्तीसगढ़ का युवा मजदूर तेलंगाना में मजदूरी करते हुए लू का शिकार हुआ
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के रहने वाले एक ग्रामीण की तेलंगाना में लू लगने से मौत हो गयी.
ग्रामीण रोजी-रोटी की तलाश में तेलंगाना पहुंचा था. वह खेत में मिर्ची तोड़ने का काम करते हुए लू का शिकार हुआ और वहीं उसकी मौत हो गई.
दरअसल बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र के पुसनार से युवा ग्रामीण पुनेम नन्नू (25) तेलंगाना में मजदूरी करने पहुंचे थे. वह मिर्ची के खेत में काम कर रहे थे.
इस दौरान लू लगने से उनकी मौत हो गयी.
घटना तेलंगाना के वेंकटापुरम मंडल के वीरभद्रवरम जिला मुलुगु की बतायी जा रही है.
जानकारी के मुताबिक मृत युवक बीते 10 अप्रैल को अपने गांव से मिर्ची की तोड़ाई करने तेलंगाना के वेंकटापुरम के मूलगु गांव गया हुआ था. युवक के साथ गांव के अन्य 3 ग्रामीण भी गए हुए थे. उन्होंने युवक के परिजनों को बताया कि लू लगने के बाद पूनेम नन्नू की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, इसके बाद उसकी मौत हो गई.
तीनो ग्रामीणों के द्वारा सोमवार को मृतक पुनेम नन्नू के शव को उसके घर लाया गया.
जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया.
पूनेम नन्नू के परिवार में पत्नी और एक बच्चा है, जो गांव में ही रहते हैं.
गांव में काम नहीं मिलने के चलते पुनेम नन्नू गांव के ही एक ठेकेदार के संपर्क में आकर मिर्ची तोड़ने अन्य ग्रामीणों के साथ तेलंगाना गया हुआ था.
पलायन करने को मजबूर ग्रामीण
गरीबी और रोजगार की कमी लोगों को पलायन के लिए मजबूर करती है. गौरतलब है कि पलायन करके छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्य जाने वालों का आधिकारिक आंकड़ा न श्रम विभाग और न ही ग्राम पंचायतों के पास है.
छत्तीसगढ़ में मजदूरी की दर कम होने की वजह से बड़ी संख्या में बीजापुर, सुकमा ,बस्तर और दंतेवाड़ा से ग्रामीण पलायन कर दूसरे राज्यों में काम की तलाश में जाते हैं. जहां कई ग्रामीण ठेकेदारों के शोषण का शिकार होते हैं.
हालांकि अब तक इस मामले में परिवार वालों ने पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है.