बिहार चुनाव: चुनाव शुरू से निष्पक्ष नहीं हुआ- राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के महागठबंधन की करारी हार के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस परिणाम को 'विस्मयकारी' बताया और आरोप लगाया कि "यह चुनाव शुरू से ही निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ."
बिहार की 243 सीटों में से 200 से अधिक सीटें जीतकर नीतीश कुमार की JDU और BJP का गठबंधन (NDA) सत्ता में वापस आ रहा है. वहीं, तेजस्वी यादव की RJD और कांग्रेस के गठबंधन को भारी हार का सामना करना पड़ा है और वे 40 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए हैं.
इस हार के बाद बीजेपी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को 'बोझ' बताते हुए कहा कि "जो भी उनके साथ गठबंधन करेगा, वह डूबेगा!"
इन सबके बीच, राहुल गांधी ने 'एक्स' पर अपनी बात रखी. उन्होंने लिखा, "मैं बिहार में हमारे गठबंधन को वोट देने वालों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं. हम इसलिए नहीं जीत पाए क्योंकि यह चुनाव शुरू से ही निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ."
राहुल ने आगे जोड़ा, "यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है. कांग्रेस इन परिणामों की समीक्षा करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई को और मजबूत करेगी."
गौरतलब है कि बिहार में जीत के बाद पीएम मोदी के निशाने पर RJD से कहीं ज्यादा कांग्रेस थी. उन्होंने कहा था कि 'जंगलराज' पर कुछ कहने से RJD से ज़्यादा कांग्रेस को बुरा लगता है. मोदी ने पिछले चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा, "बिहार चुनाव में हमारे जितने लोग जीते हैं, उतने तो कांग्रेस पिछले छह विधानसभा चुनावों को मिलाकर भी नहीं जीत पाई है. कांग्रेस मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस पार्टी है. कांग्रेस में इतनी निराशा है कि अब उसमें नई फूट पड़ रही है, फिर से विभाजन होगा."
इस बार बिहार के इतिहास में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है. सिर्फ अपने खराब प्रदर्शन के लिए ही नहीं, बल्कि सहयोगी दल RJD की हार की ज़िम्मेदारी भी कांग्रेस पर डाली जा रही है. 1997 में लालू प्रसाद यादव द्वारा बनाई गई RJD ने भी पिछले 28 सालों में अपना सबसे खराब प्रदर्शन इसी चुनाव में किया है.
कई लोग अब RJD के इस परिणाम के लिए लालू-पुत्र तेजस्वी यादव के साथ-साथ सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी की 'गैर-जिम्मेदारी' को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.
राहुल गांधी ने 17 अगस्त से बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' शुरू की थी, जिसमें शुरू में भारी भीड़ दिखी थी. हालांकि, कुछ दिनों बाद योजना की कमी के कारण यात्रा अस्त-व्यस्त हो गई थी. तेजस्वी यादव के शामिल होने के बाद भीड़ फिर बढ़ी, लेकिन कई जानकारों का मानना है कि पुख्ता प्लानिंग के बिना ऐसे कार्यक्रम को पूरी तरह से सफल नहीं बनाया जा सका.