बंगाल: वोटर लिस्ट से कटे नामों को जोड़ने के लिए मुहिम, BLO घर-घर जाकर भरवाएंगे फॉर्म 6
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में चुनावी मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम कट गए थे, उन्हें वापस वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नीलम मीना के कार्यालय के अनुसार, राज्य भर के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को ऐसे योग्य नागरिकों की पहचान करने और उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं.
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे. यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम पूर्व-SIR सूची में था लेकिन वर्तमान वोटर लिस्ट से गायब है, तो BLO उनसे नए सिरे से नामांकन के लिए 'फॉर्म 6' भरवाएंगे. इसके अतिरिक्त, छूटे हुए लोगों और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं तक पहुँचने के लिए विशेष नामांकन शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं.
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरिंदम नियोगी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे. आम जनता किसी भी शिकायत या सहायता के लिए अपने संबंधित BLO, AERO, ERO या DEO से संपर्क कर सकती है.
आयोग ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या हटाए गए (ASDD) मतदाताओं की सूची सीईओ और जिला स्तर की वेबसाइटों पर भी सार्वजनिक कर दी है, ताकि लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से स्थिति जांच कर आवेदन कर सकें.
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा खारिज किए गए मामलों और अपीलीय न्यायाधिकरणों में लंबित अपीलों पर यह प्रशासनिक व्यवस्था लागू नहीं होगी. ऐसे मामलों का निपटारा केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी. शुरुआती मसौदे में 58 लाख से अधिक मतदाताओं को ASDD श्रेणी में रखा गया था और 60 लाख से अधिक नाम सुनवाई के लिए भेजे गए थे, जिनमें से लगभग 27 लाख नाम हटा दिए गए थे.
इस अभियान में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है ताकि सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके.