बारुईपुर एनकाउंटर: महुआ मोइत्रा ने बंगाल को बताया 'यूपी 2.0'
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद राज्य में बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है. इस घटना को लेकर जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. दूसरी ओर, कांग्रेस ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
पुलिस के अनुसार, यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को उस समय हुई जब आरोपी प्रभाष मंडल को अपराध स्थल के पुनर्निर्माण (क्राइम रीकंस्ट्रक्शन) के लिए ले जाया गया था. पुलिस का दावा है कि आरोपी मंडल ने अचानक एक पुलिस अधिकारी का सर्विस हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी.
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया.
तृणमूल कांग्रेस ने इस एनकाउंटर की कड़े शब्दों में निंदा की है. पार्टी के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने इसे पुलिस बर्बरता का सबसे खराब रूप बताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार का पुलिस पर कोई नियंत्रण नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य के डीजीपी को 72 घंटे के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था, लेकिन उससे पहले ही यह एनकाउंटर हो गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में 'योगी मॉडल' का पालन किया जा रहा है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. वहीं, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और इसे "उत्तर प्रदेश 2.0" व "जंगलराज" करार दिया.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने उस पुलिस एनकाउंटर की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें बरुईपुर रेप और मर्डर केस का मुख्य आरोपी मारा गया. बंगाल के लिए इसे 'खूनी दिन' (Bloodthirsty Day) करार देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य अब 'यूपी 2.0' बन चुका है. इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस ने एनकाउंटर को लेकर तय की गई मानक प्रक्रियाओं (स्टैंडर्ड प्रोसीजर) का पालन किया था.
दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी को इस पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि राज्य की जनता उन्हें पहले ही नकार चुकी है.
उन्होंने प्रधानमंत्री के संदेश 'भय आउट, भरोसा इन' का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार अपराधियों और बलात्कारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़े कदम उठा रही है.
इसके साथ ही, भाजपा ने साल 2013 के चर्चित कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले की फाइलों को भी फिर से खोलने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग दोहराई है.
इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की वकालत की है. बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को अपना काम करने देना चाहिए और पुलिस को संयम बरतना चाहिए था. उन्होंने इस कथित मुठभेड़ की निष्पक्षता जांचने के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है.