बांग्लादेश: हिंदुओं पर हमलों पर UNO तथा US ने जताई कड़ी आपत्ति
नई दिल्ली । डेस्क: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा और हाल ही में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सभी बांग्लादेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का पुरजोर आह्वान किया है.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को कहा कि संगठन अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की रिपोर्टों से "बेहद चिंतित" है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाला अंतरिम प्रशासन सभी नागरिकों, चाहे वे किसी भी समुदाय के हों, उनकी रक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाएगा.
हिंसा की इन घटनाओं की गूँज वाशिंगटन में भी सुनाई दी है, जहाँ अमेरिकी सांसदों ने खुले तौर पर इन हमलों की निंदा की है. अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने दीपू चंद्र दास की हत्या को "लक्षित भीड़ द्वारा की गई हत्या" (Targeted Mob Killing) करार दिया, जबकि सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने सरकार परिवर्तन के बाद से हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों की रिपोर्टों पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भी चेतावनी दी है कि प्रतिशोध की यह भावना केवल विभाजन को गहरा करेगी और आगामी चुनावों से पहले मानवाधिकारों की स्थिति को और कमजोर कर देगी.
इस अंतरराष्ट्रीय दबाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर के साथ टेलीफोन पर चर्चा की. यूनुस ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी प्रकार की हिंसा या व्यवधान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व शासन के समर्थक देश को अस्थिर करने के लिए भारी निवेश कर रहे हैं. गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से शुरू हुई अस्थिरता पिछले दो हफ्तों में और अधिक तीव्र हो गई है, जिससे देश के अल्पसंख्यकों में भय का माहौल बना हुआ है.