बलरामपुर: नशीले इंजेक्शन तस्करी मामले में झारखंड से चौथा आरोपी गिरफ्तार
बलरामपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की बलरामपुर पुलिस को नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है. पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े चौथे आरोपी राजू कुमार गोंड (46) को पड़ोसी राज्य झारखंड के गढ़वा स्थित मदरसा रोड से हिरासत में लिया है.
प्राथमिक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया.
यह पूरा मामला 17 मई 2026 को उस वक्त उजागर हुआ था, जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड के गढ़वा से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की ओर बाइक सवार तस्करों द्वारा नशीली दवाओं की बड़ी खेप ले जाई जा रही है.
सूचना के आधार पर बलरामपुर पुलिस ने तत्काल बड़कीमहरी गांव के पास रणनीतिक घेराबंदी की. संदिग्ध बाइक को रोककर जब तलाशी ली गई, तो राहुल गुप्ता नाम के व्यक्ति के पास से 481 बुप्रेनॉर्फिन और 504 फेनिरामाइन मैलेट नशीले इंजेक्शन बरामद हुए.
कुल 985 नशीले इंजेक्शन जब्त किए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 21(b) के तहत अपराध क्रमांक 81/2026 दर्ज कर जांच की परतें खोलना शुरू किया.
मामले की गहन छानबीन के दौरान गिरोह की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ती गईं. इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 24 मई को राहुल गुप्ता और 28 जुलाई को किशुन राम उर्फ बबलू ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
जांच को आगे बढ़ाते हुए 12 अगस्त को पुलिस टीम ने झारखंड के गढ़वा में दबिश देकर मुख्य सप्लायर राजू कुमार गोंड को धर दबोचा. बलरामपुर पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई करता था.
पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच कर रही है ताकि इसके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके. अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा.