पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत लागू, स्वास्थ्य साथी भी रहेगा जारी
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की नव-निर्वाचित भाजपा सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में केंद्र सरकार की प्रमुख 'आयुष्मान भारत' योजना को लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे बंगाल के नागरिकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में चल रही 'स्वास्थ्य साथी' योजना को तुरंत बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि संक्रमण काल के दौरान दोनों योजनाएं साथ-साथ संचालित होंगी.
सरकार के इस कदम से बंगाल के निवासियों को अब सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा. स्वास्थ्य विभाग की एक टीम मंगलवार को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के अधिकारियों के साथ मिलकर योजना के क्रियान्वयन की बारीकियों को अंतिम रूप देगी.
निजी अस्पतालों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने स्वास्थय साथी के तहत लंबित रिइम्बर्समेंट और भविष्य के भुगतान को लेकर स्पष्टता मांगी है.
सुवेंदु अधिकारी ने प्रशासन में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मिलना सुनिश्चित किया जाएगा. बंगाल में इस समय स्वास्थय साथी के तहत करीब 8.70 करोड़ लाभार्थी हैं, जिन्हें अब आयुष्मान भारत के व्यापक नेटवर्क और बेहतर पैकेज दरों का लाभ मिलने की उम्मीद है.