अयोध्या राम मंदिर चोरी: कांग्रेस ने सरकार की 'चुप्पी' पर उठाए सवाल
नई दिल्ली । डेस्क: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस पार्टी ने रविवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही हैं.
पार्टी ने इस पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए सरकार से कई गंभीर सवाल पूछे.
उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से चोरी की कम से कम 105 घटनाओं का खुलासा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अब तक केवल आठ लोगों को ही आरोपी बनाया गया है.
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब 4 जून को चोरी से जुड़ा एक वीडियो ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय तक पहुंच गया था और 5 जून को सीसीटीवी फुटेज देख ली गई थी, तो पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने में 21 दिनों की देरी क्यों की गई.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि 105 चोरी की घटनाओं के मुकाबले महज 79.85 लाख रुपये की बरामदगी करके मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने पूछा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को जांच में आरोपी बनाने के बजाय केवल गवाह के तौर पर क्यों देखा जा रहा है.
जयराम रमेश ने कहा कि यह मामला देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए जांच का उद्देश्य केवल छोटे-मोटे चोरों को पकड़ना नहीं, बल्कि उन प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही तय करना होना चाहिए जिनके संरक्षण में यह सब हुआ.