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उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन, कई मजदूर दबे

छत्तीसगढ़ उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन, कई मजदूर दबे

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01 मार्च 2025, 09:13 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन
उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन

चमोली | डेस्कः शुक्रवार की सुबह ग्लेशियर टूटने से उत्तराखंड के चमोली ज़िले में 55 मज़दूर बर्फ़ में दब गए थे, जिनमें 47 मज़दूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. 


घटना बद्रीनाथ धाम से 3 किलोमीटर दूर चमोली के माणा गांव की है.

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सभी मजदूर बीआरओ के सड़क निर्माण कार्य में लगे हुए थे. इनका काम सेना के मूवमेंट के लिए सड़क तैयार करना होता है.


बताया जा रहा है कि जहाँ हिमस्खलन हुआ है वहीं आस पास उनके रहने के लिए कैंप बने हैं, जहाँ वे कंटेनर्स में रहते हैं. 


माणा में ख़राब मौसम और जारी बर्फ़बारी के बीच सेना का बचाव अभियान जारी है. 


घायलों को निकालने और अन्य रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजने के लिए सड़क को खोलने की कोशिशें जारी हैं.


ताज़ा जानकारी देते हुए एक्स पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया है कि बाकी फंसे लोगों को भी निकालने की कोशिशें जारी हैं.


उन्होंने लिखा, "माणा के निकट हुए हिमस्खलन में फंसे हुए श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान के क्रम में 14 अन्य श्रमिकों को भी सकुशल बाहर निकाल लिया गया है."


"बाहर निकाले गए श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. गंभीर रूप से घायल 3 श्रमिकों को आर्मी चिकित्सालय, ज्योतिर्मठ में उपचार हेतु भेज दिया गया है.


अभी तक कुल 47 श्रमिकों का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है. फंसे हुए अन्य श्रमिकों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कार्य किया जा रहा है."


इससे पहले भारतीय सेना ने बयान जारी कर बताया था कि शुक्रवार को सुबह 7.15 मिनट पर माणा और बद्रीनाथ के बीच स्थित बीआरओ लेबर कैंप हिमस्खलन की चपेट में आ गया था.


इस लेबर कैंप में आठ कंटेनर और एक शेड था. यहां कुल 55 मज़दूर थे, जिन्हें सड़क निर्माण के काम पर लगाया गया था. हिमस्खलन के बाद ये सभी बर्फ़ में दब गये.


घटना के तुरंत बाद सेना की एक स्विफ़्ट रिस्पांस टीम आईबेक्स ब्रिगेड के 100 से अधिक जवानों को डॉक्टरों, एंबुलेंस और अन्य उपकरणों के साथ तुरंत राहत और बचाव कार्य में लगाया गया.


सेना के अनुसार, यह टीम सुबह क़रीब 11.50 बजे तक पांच कंटेनरों को तलाशने में क़ामयाब रही जिनमें 10 लोगों को बचाया गया, सभी ज़िंदा थे, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है.


बाकी तीन कंटेनरों की तलाश जारी है, हालांकि इलाक़े में भारी बर्फबारी जारी है और जोशीमठ और माणा के बीच की सड़क को साफ़ करने की कोशिश की जा रही है.


जोशीमठ से अतिरिक्त मेडिकल टीमों को माणा में इकट्ठा किया जा रहा है ताकि बचाव कार्य और मेडिकल सहायता में मदद मिल सके.

 

बिहार, यूपी और उत्तराखंड के 11-11 मजदूर

एवलांच में फंसे 55 मजदूरों में बिहार के 11, उत्तर प्रदेश के 11, उत्तराखंड के 11, हिमाचल प्रदेश के 7, जम्मू-कश्मीर के 1 और पंजाब के 1 मजदूर शामिल हैं.


उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी लिस्ट में 13 मजदूरों के नाम हैं, लेकिन उनका पता और मोबाइल नंबर नहीं है. बाकी मजदूरों की पूरी जानकारी है.

 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP