आत्मानंद स्कूलों का बुरा हाल, लाखों के फर्नीचर हुए कबाड़
बस्तर में आत्मानंद स्कूलों का बुरा हाल, लाखों के फर्नीचर हुए कबाड़
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में संचालित आत्मानंद स्कूलों का हाल बेहाल है. लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए फर्नीचर कबाड़ हो गए हैं. अब बच्चे फिर लोहे की टेबल और बेंच में पढ़ाई कर रहे हैं.
यह हाल जिले के सभी विकासखंडों में संचालित आत्मानंद स्कूलों का है. इससे फर्नीचर खरीदी की पोल खुल गई है.
शिक्षकों ने बताया कि साल 2022-23 में सप्लाई के कुछ महीने बाद ही रीडिंग टेबल और स्कूलों में सप्लाई किए गए अन्य फर्नीचर टूटने लगे. जिस वजह से सैकड़ों टेबल, कुर्सी और रीडिंग टेबल परिसर में कबाड़ में पड़े हुए हैं.
तोकापाल-किलेपाल स्कूल में सबसे बुरा हाल
बस्तर जिले के किलेपाल और तोकापाल में संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूलों में सबसे बुरा हाल है. यहां सैकड़ों की संख्या में रीडिंग टेबल स्कूल परिसर में कबाड़ में पड़े हुए हैं.
किलेपाल स्कूल के प्राचार्य मणिकराम गावड़े ने बताया कि साल 2022 में सप्लाई के कुछ महीने बाद ही रीडिंग टेबल टूटने लगे. घटिया क्वालिटी का फर्नीचर सप्लाई करने की वजह से सभी रीडिंग टेबल उखड़ने लगे. इसके अलावा लाइब्रेरी के लिए भी भेजे गए अलमारी से लेकर प्लाईवुड के रेक भी टूटे पड़े हैं.
प्राचार्य ने बताया कि इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में दी गई है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है. नियम के मुताबिक इन सामानों की 3 साल की वारंटी रहती है. सप्लाई एजेंसी को करीब 3 साल तक इसका मेंटेनेंस किया जाना था.
उन्होंने बताया कि इन सामानों की रायपुर से सप्लाई होने की बात कही जा रही है, लेकिन मेंटेनेंस के लिए सप्लाई एजेंसी से एक भी कर्मचारी स्कूल नहीं पहुंचे हैं. जिस वजह से बच्चों को फिर से लोहे के ही रीडिंग टेबल और बेंच में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है.
प्राचार्य ने बताया कि उनके स्कूल में 200 से अधिक रीडिंग टेबल की सप्लाई हुई थी, जिसमें से लगभग 150 टेबल कबाड़ हो चुके हैं और उनमें से 80 टेबल की मरम्मत के लिए स्कूल से ही फंड दिया जा रहा है.
लाखों रुपये के फर्नीचर हुए कबाड़
यही हाल जिले में संचालित सभी आत्मानंद स्कूलों का है. खास बात यह है कि फर्नीचर के सप्लाई के दौरान उपस्थित प्राचार्य और शिक्षकों से रिसीविंग पर दस्तखत ले लिए गए. साथ ही उपयोगिता प्रमाण पत्र पर भी तुरंत दस्तखत करवा लिया गया.
केवल किलेपाल के आत्मानंद स्कूल में 15 लाख रुपए का फर्नीचर सप्लाई किया गया है. इसके अलावा तोकापाल में 17 लाख रुपये और अन्य आत्मानंद स्कूलों में भी 15 लाख रुपए से अधिक के फर्नीचर की खरीदी की गई है.
बस्तर जिले में ही लगभग एक करोड़ रुपए का फर्नीचर एजेंसियों के द्वारा सप्लाई किया गया है, लेकिन अब आलम यह है कि इनमें से 50 प्रतिशत फर्नीचर कबाड़ में तब्दील हो चुका है.
शासन को पत्र लिखकर दी जाएगी जानकारी
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बलराम बघेल का कहना है कि आत्मानंद स्कूलों से जानकारी मिली है कि साल 2022 और 23 में आत्मानंद स्कूलों में सप्लाई किया गया फर्नीचर खासकर रीडिंग टेबल खराब हो गई है. सभी स्कूलों से इसकी जानकारी मांगी जा रही है,जिसके बाद शासन को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी जाएगी.
शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कुछ स्कूलों में फर्नीचर को फिर से रिपेयर कराने को प्राचार्यों को कहा गया है.