अरुंधति रॉय ने SIR पर उठाये सवाल
कोलकाता । डेस्क: कोलकाता में अपनी नई पुस्तक ‘मदर मेरी कम्स टू मी’ से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय ने देश की वर्तमान चुनावी प्रणाली पर तीखा हमला बोला है. रॉय ने भारत में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) का हवाला देते हुए कहा कि अब यह कहना मुश्किल है कि क्या हम वास्तव में खुद को एक लोकतंत्र कह सकते हैं.
उन्होंने चिंता जताई कि चुनाव ही अंतिम कड़ी थे जो जनता और तानाशाही के बीच खड़े थे, लेकिन अब लोगों का भरोसा इस प्रक्रिया से भी उठने लगा है.
गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया के दूसरे चरण के तहत बंगाल, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 6.5 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं.
जहां एक ओर केंद्र की भाजपा सरकार इसे 'अवैध घुसपैठियों' को बाहर निकालने के लिए एक आवश्यक कदम बता रही है, वहीं आलोचकों का तर्क है कि यह प्रक्रिया जानबूझकर बहिष्कारी बनाई गई है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर मुखर हैं और उन्होंने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया है.
सुप्रीम कोर्ट भी इस समय उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिनमें नागरिकता के फैसले से पहले मतदान का अधिकार छीने जाने पर सवाल उठाए गए हैं. रॉय के अनुसार, मतदाता सूची में इतने बड़े पैमाने पर नामों का हटाया जाना देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक गंभीर चेतावनी है.