अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी
रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुणदेव गौतम को राज्य का स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त कर दिया है. गृह मंत्रालय ने शुक्रवार 16 मई को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उनकी 5 फरवरी 2025 को की गई कार्यवाहक नियुक्ति को अब स्थायी नियुक्ति घोषित कर दिया.
आदेश के अनुसार, अरुणदेव गौतम की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की अनुशंसा पर गठित पैनल से की गई है. इस पैनल में आईपीएस अधिकारी हिमांशु गुप्ता का नाम भी शामिल था.
पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य सरकार ने 4 फरवरी 2025 को 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुणदेव गौतम को प्रभारी डीजीपी बनाया था.
सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रकाश सिंह मामले’ में दिए गए निर्देशों के अनुसार किसी भी राज्य में लंबे समय तक कार्यवाहक डीजीपी नहीं रखा जा सकता. इसी को लेकर यूपीएससी की सख्ती और नोटिस के बाद राज्य सरकार ने स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की.
अरुणदेव गौतम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के फतेहपुर स्थित अभयपुर गांव के रहने वाले हैं. छत्तीसगढ़ में उनका प्रशासनिक और पुलिसिंग अनुभव काफी व्यापक माना जाता है. वे राज्य के छह प्रमुख और संवेदनशील जिलों, जिनमें राजनांदगांव, बिलासपुर और बस्तर शामिल हैं, एसपी और आईजी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं.
झीरम घाटी हमले के बाद जब बस्तर क्षेत्र सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था, तब उन्हें बस्तर का आईजी बनाया गया था. उनके कार्यकाल में वहां चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए थे.
अरुणदेव गौतम गृह सचिव के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक और संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया जा चुका है.