ट्रंप के ईरान पर हमले से नाखुश अमेरिकी जनता
वॉशिंगटन । डेस्क: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए बड़े सैन्य अभियान और उसके बाद भड़की क्षेत्रीय जवाबी कार्रवाई ने अमेरिकी राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है. रॉयटर्स-इप्सोस (Reuters-Ipsos) के हालिया जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिकी जनता इस सैन्य हमले को लेकर बेहद नाखुश है.
शनिवार और रविवार को आयोजित इस पोल में सामने आया कि केवल 25 प्रतिशत यानी हर चार में से सिर्फ एक अमेरिकी नागरिक ने ही ईरान पर हमलों का समर्थन किया है. यह आंकड़े राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं, क्योंकि उन्होंने "अंतहीन युद्ध" समाप्त करने के वादे के साथ सत्ता संभाली थी.
सर्वेक्षण के परिणाम ऐसे समय में आए हैं जब ट्रंप प्रशासन ने संघर्ष में तीन अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इन मौतों के बावजूद इस अभियान को एक "नेक मिशन" बताया है और लक्ष्य हासिल होने तक इसे जारी रखने का संकल्प लिया है.
हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि ट्रंप का अपना समर्थक आधार भी इस मुद्दे पर बंटा हुआ है. जहाँ 55 प्रतिशत रिपब्लिकन इन हमलों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं उनमें से 42 प्रतिशत का कहना है कि यदि अमेरिकी सैनिकों की जान जाती है, तो वे इस सैन्य अभियान का समर्थन करना बंद कर देंगे.
विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इन हमलों का कड़ा विरोध किया है, जिसमें 74 प्रतिशत समर्थकों ने ऑपरेशन को गलत बताया है.
सीनेटर क्रिस वान होलेन जैसे नेताओं ने इसे ट्रंप का "अपनी पसंद का युद्ध" करार देते हुए जल्द ही युद्ध शक्तियों के प्रस्ताव (War Powers Resolution) पर मतदान की मांग की है, ताकि भविष्य की सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य हो सके.
मिडटर्म चुनाव नजदीक होने के कारण, तेल की बढ़ती कीमतों और व्यापारिक मार्गों पर बढ़ते खतरे ने भी जनता की चिंता बढ़ा दी है, जिससे आने वाले दिनों में ट्रंप प्रशासन पर दबाव और बढ़ सकता है.