अंबिकापुर: CGSPEU यूनियन ने नए लेबर कोड की प्रतियां जलाई
अंबिकापुर । संवाददाता: केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए चारों लेबर कोड के रूल्स के गजट नोटिफिकेशन को लेकर श्रमिक संगठनों ने देशव्यापी मोर्चेबंदी शुरू कर दी है. इस फैसले के विरोध में छत्तीसगढ़ सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज यूनियन (अंबिकापुर इकाई) के बैनर तले कर्मचारियों और श्रमिकों ने स्थानीय घड़ी चौक पर उग्र प्रदर्शन किया.
आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नए श्रम कानूनों के गजट नोटिफिकेशन की प्रतियों को आग के हवाले कर दिया. यूनियन ने इन चारों लेबर कोड को पूरी तरह से श्रमिक विरोधी बताते हुए इन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लेने की पुरजोर मांग की है.
यूनियन के पदाधिकारियों का आरोप है कि नए नियमों के लागू होने से कार्यस्थलों पर श्रमिकों के शोषण का एक नया दौर शुरू हो जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट (निश्चित अवधि के रोजगार) की व्यवस्था आने से अब वर्षों से स्थायी रूप से काम कर रहे कर्मचारियों की नौकरियां भी अस्थायी प्रकृति की हो जाएंगी.
इससे न केवल युवाओं और श्रमिकों का भविष्य गहरे संकट में आ गया है, बल्कि उनके भीतर असुरक्षा की भावना भी घर कर गई है.
संगठन ने आगाह किया कि नए कानूनों की आड़ में लंबे संघर्षों और कुर्बानियों के बाद हासिल किए गए कानूनी अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के लाभों को छीना जा रहा है, जो अंततः कामकाजी वर्ग को बंधुआ मजदूरी की धकेलने की एक सोची-समझी शुरुआत है.
इस बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व और संचालन संयुक्त महासचिव प्रकाश नारायण सिंह, अंबिकापुर इकाई के अध्यक्ष प्रवीण सिंह और सचिव रघुनाथ प्रधान ने किया. इसके साथ ही श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने के लिए उपाध्यक्ष विमल शर्मा, सह सचिव अजय कुमार विवेक, धर्मेंद्र कुमार, संतोष महाराणा, शेखर पुष्प, चंद्रभान चौहान, संतोष कुमार, रजनी दास महंत, चंद्रहास शर्मा, सुनिधि शुक्ला, योगेश मिश्रा, धनंजय कुमार, अमजद खान, शुभम शुक्ला, शिव कुमार साहू तथा मृत्युंजय कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मुस्तैदी से डटे रहे.