रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

बुढ़ापा थम सकता है विटामिन D से

C

CG Khabar

16 जून 2025, 02:03 AM 4 मिनट में पढ़ें 5

Vitamin D
Vitamin D

नई दिल्ली । डेस्क: क्या वाकई थम सकता है बुढ़ापा ? हार्वर्ड रिसर्च में मिला जवाब- विटामिन D से मिल सकती है जवानी जैसी त्वचा और ताकत.


बुढ़ापे के असर को धीमा करने की खोज में जुटे वैज्ञानिकों को एक नई सफलता हाथ लगी है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में यह सामने आया है कि विटामिन D न केवल हड्डियों को मजबूत करता है, बल्कि बढ़ती उम्र की प्रक्रिया को भी धीमा करने में सक्षम है.

विज्ञापन


वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च में जीन, कोशिकाओं और सूजन जैसे पहलुओं का विश्लेषण किया और पाया कि विटामिन D हमारे शरीर को उम्र के असर से बचाने में एक अहम भूमिका निभा सकता है.


क्या कहती है हार्वर्ड की रिसर्च?

रिसर्च में हजारों लोगों के शरीर में विटामिन D के स्तर और उनकी उम्र बढ़ने की रफ्तार का तुलनात्मक अध्ययन किया गया.


जिन लोगों के शरीर में विटामिन D की मात्रा संतुलित थी, उनमें कोशिकायें अधिक समय तक स्वस्थ बनी रहीं. इससे संकेत मिला कि विटामिन D जैविक उम्र को धीमा करने में मदद करता है.


जवानी जैसी त्वचा और ऊर्जा कैसे संभव?

विटामिन D शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है, जो एजिंग यानी बुढ़ापे का मुख्य कारण होता है.


यह टेलोमेयर (Telomere) नामक डीएनए के सिरों को सुरक्षित रखता है. जैसे-जैसे टेलोमेयर छोटा होता जाता है, हमारी उम्र बढ़ती जाती है. विटामिन D टेलोमेयर को छोटा होने से रोकता है और कोशिकाओं को लंबे समय तक सक्रिय बनाये रखता है.


बुढ़ापे की बीमारियों से सुरक्षा

शोध में यह भी पाया गया कि विटामिन D हृदय रोग, डायबिटीज़, कैंसर और इम्यून सिस्टम से जुड़ी कई समस्याओं से सुरक्षा देता है. उम्र बढ़ने के साथ इन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन विटामिन D उन्हें टालने में कारगर हो सकता है.


विटामिन D की कमी के संकेत

अगर आप लगातार थकान महसूस करते हैं, मांसपेशियों में दर्द, बालों का झड़ना, बार-बार बीमार पड़ना या हड्डियों में कमजोरी महसूस करते हैं, तो ये विटामिन D की कमी के लक्षण हो सकते हैं. खासकर सर्दियों में या घर के अंदर ज्यादा रहने वालों में यह कमी आम होती है.


प्राकृतिक स्रोत कौन-कौन से हैं?

सुबह 8 से 10 बजे की धूप विटामिन D का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत है. अंडे की जर्दी, मशरूम, सैल्मन, टूना जैसी मछलियां और फोर्टिफाइड दूध या दही भी इसके अच्छे आहार स्रोत हैं. धूप में रोज 15–20 मिनट रहना काफी होता है, बशर्ते हाथ-पैर और चेहरा खुले हों.


बुजुर्गों के लिये विशेष फायदेमंद

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर की विटामिन D अवशोषण क्षमता घटती है. इससे हड्डियों का कमजोर होना, याददाश्त में कमी, थकावट और अवसाद जैसी समस्याएं होने लगती हैं. बुजुर्गों के लिए विटामिन D न सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बेहतर बनाता है.


क्या हर कोई ले सकता है विटामिन D सप्लीमेंट?

उत्तर है – नहीं. सप्लीमेंट लेने से पहले शरीर में विटामिन D की जांच जरूरी है.


अधिक मात्रा में विटामिन D लेने से शरीर में कैल्शियम का स्तर असंतुलित हो सकता है, जिससे किडनी और हृदय को नुकसान हो सकता है. खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग डोज़ तय होती है.


फिट और यंग दिखना अब मुश्किल नहीं?

अगर सही समय पर धूप ली जाये, संतुलित आहार और नियमित विटामिन D सप्लीमेंट लिया जाए (डॉक्टर की सलाह से), तो 50 की उम्र में भी 35 जैसी ऊर्जा और त्वचा पाना अब सिर्फ सपना नहीं रह गया है. यह शोध एंटी-एजिंग के क्षेत्र में एक नई दिशा का संकेत देती है.


इस तरह से विटामिन D अब केवल "हड्डियों का विटामिन" नहीं रहा, यह एक संपूर्ण एंटी-एजिंग समाधान बनता जा रहा है. लेकिन जैसा कि हर दवा या सप्लीमेंट के साथ होता है, जागरूकता और संतुलन सबसे जरूरी है.


स्वस्थ जीवन का सूत्र है – “धूप में कुछ पल, भोजन में पोषण, और डॉक्टर से सही सलाह.”

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP