सुरक्षाबलों को मशक्कत के बाद गुफा मिली पर माओवादी नहीं
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल ऑपरेशन में पुलिस को गुफा मिली
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में माओवादियों के खिलाफ 6 दिनों से सुरक्षा बलों द्वारा ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
भीषण गर्मी और 40 पार तापमान के बीच 5 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिर जवान नक्सलियों के एक ठिकाने तक पहुंचने में कामयाब हुए.
जवानों को एक बड़ी गुफा का पता चला और उसको कब्जे में ले लिया गया है. परंतु सुरक्षा बलों के वहां पहुंचने से पहले ही माओवादियों ने अपना ठिकाना बदल दिया. यहां माओवादियों की मौजूदगी के निशान और कई सबूत भी मिले हैं.
बताया जा रहा है कि इस गुफा में आराम से एक हजार से अधिक लोग कई दिनों तक पनाह ले सकते हैं.
गुफा के भीतर पानी से लेकर आराम करने लायक जगह तक मौजूद है. ऑपरेशन के दौरान जवानों द्वारा माओवादियों की इस गुफा की तस्वीरें जारी की गई हैं.
अब इस गुफा में जवानों का कब्जा है. जानकारी के मुताबिक कर्रेगट्टा की ऊंची पहाड़ी चढ़ने के बाद जवानों को यह गुफा चट्टानों के बीच मिली.
माओवादी जा चुके थे
गुफा के अंदर पीछे की तरफ चट्टानों के बीच एक पतली सुरंग भी मिली है, जो सीधे पहाड़ी की दूसरी तरफ निकल रही है.
यहां से बड़ी आसानी से कोई भी व्यक्ति एक तरफ से दूसरी तरफ आना-जाना कर सकता है. साथ ही पहाड़ी में चट्टानों से रिसकर पानी भी आ रहा है.
फोर्स के पहुंचने से पहले ही माओवादी यहां से जा चुके थे.
दरसअल, कर्रेगुट्टा, दुर्गमगुट्टा, पुजारी कांकेर की पहाड़ियों पर फोर्स का माओवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा है.
इस नक्सल ऑपरेशन का आज छठवां दिन है. पांचवे दिन पहाड़ पर जवानों ने माओवादियों के ठिकाने (गुफा) को ढूंढ निकाला.
क्या हासिल हुआ सुरक्षा बलों को
जिस तरह से यह ऑपरेशन शुरू हुआ था, तो लग रहा था कि पुलिस के पास पुख्ता जानकारी है.
पहाड़ी पर छत्तीसगढ़ के साथ ही तेलंगाना के जवानों द्वारा घेरा डाला गया था. पुलिस मुठभेड़ का भी दावा कर रही थी.
पुलिस का दावा है कि तीन महिला नक्सलियों की लाश बरामद की गई है. हेलीकॉप्टर व ड्रोन से निगरानी की जा रही थी.
इसके बावजूद जिस तरह से पहाड़ी पर माओवादियों के बड़े कैडर के होने का दावा किया जा रहा था, पुलिस को अब तक कुछ हासिल नहीं हुआ है.
काफी मशक्कत के बाद सिर्फ एक गुफा का पता चला. इस अभियान के दौरान जवान हीट स्ट्रोक का भी शिकार हुए.
शनिवार को सैकड़ों की तादात में जवानों के बीजापुर कैंप लौटने की जानकारी भी सामने आ रही है.