अंतरिक्ष में पहली बार दिखा नया सौरमंडल बनते हुए!
नई दिल्ली । डेस्क: वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक नया सौरमंडल (Solar System) बिल्कुल शुरूआती दौर में बनते हुए देखा है. यह पहली बार है जब उन्होंने किसी ग्रह को पूरी तरह से बनने से पहले, उसके बनने की प्रक्रिया के दौरान देखा है. इस खोज से हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि करीब 460 करोड़ साल पहले हमारा अपना सौरमंडल कैसे बना था.
पृथ्वी से करीब 1300 प्रकाश वर्ष दूर, 'एचओपी-315' (HOPS-315) नाम के एक तारे के चारों ओर नए ग्रहों का जन्म हो रहा है.
कैसे पता चला? वैज्ञानिकों ने यह अद्भुत नज़ारा देखने के लिए जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) और एटैकमा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर ऐरे (ALMA) का इस्तेमाल किया.
उन्होंने देखा कि इस नए-नए बने तारे 'एचओपी-315' के चारों ओर गैस और धूल का एक घेरा है. इसी घेरे में खनिजों (Minerals) के छोटे-छोटे कण जमना शुरू हो गए हैं, जैसे कि सिलिकॉन मोनोऑक्साइड (SiO). वैज्ञानिकों के अनुसार, यही ग्रहों के बनने का पहला कदम है- छोटे पत्थरों का इकट्ठा होकर जमना.
जैसे हमारे सौरमंडल में एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह) होते हैं, उसी तरह यहां भी ये खनिज जमा होकर धीरे-धीरे बड़े पत्थर बनेंगे, जिन्हें 'ग्रहों के बीज' या 'प्लैनेटिसिमल' कहा जाता है. एक बार जब ये बड़े हो जाते हैं और उनमें गुरुत्वाकर्षण (Gravity) आ जाता है, तो ये और तेज़ी से बढ़ने लगते हैं और ग्रह बन जाते हैं.
नेदरलैंड्स की लीडेन यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक मेलिसा मैकलर ने बताया कि यह पहली बार है जब हमारे सौरमंडल के बाहर किसी ग्रह के बनने का सबसे शुरूआती चरण पकड़ा गया है.
यह खोज, जो 'नेचर' (Nature) पत्रिका में छपी है, हमें सीधे उस समय की झलक दिखाती है जब हमारा सूरज भी एक 'बच्चा तारा' था और उसके चारों ओर पृथ्वी जैसे ग्रह बनने की प्रक्रिया में थे.