एक किलोमीटर से कम दूरी वाले स्कूल होंगे मर्ज
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण करने तैयारी तेज कर दी है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे स्कूल जिनकी दूरी 1 किलोमीटर से कम और छात्रों की दर्ज संख्या 10 से कम वाले स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा.
वहीं शहरी क्षेत्र में 500 मीटर की दूरी के भीतर स्थित 30 से कम दर्ज संख्या वाले स्कूलों को युक्तियुक्तकरण के लिए चिन्हित किया जाएगा. इस प्रक्रिया से स्वामी आत्मानंद स्कूल और पीएमश्री विद्यालय बाहर होंगे.
साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्र और दूरस्थ वनांचल के विद्यालयों के युक्तियुक्तकरण कलेक्टर के विचार पर छोड़ा गया है.
सरकार ने युक्तियुक्तकरण के लिए विकासखंड और जिला स्तरीय समिति का गठन किया है. जिसकी रिपोर्ट के आधार पर शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा.
जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष कलेक्टर को बनाया गया है. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे.
इसी प्रकार विकास खंड स्तरीय समिति का अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को बनाया गया है. विकासखंड शिक्षा अधिकारी सचिव होंगे.
सदस्य के रूप में सहा. विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी, विकास खण्ड स्त्रोत समन्वयक और परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग काम करेंगे.
विकासखण्ड स्तरीय समिति स्कूलों व अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन कर सूची तैयार करेंगे. रिक्त पदों की सही जानकारी एकत्र कर उसे प्रमाणित भी करेंगे.
जिला स्तरीय समिति का काम विकासखण्ड स्तरीय समिति से प्राप्त शालाओं की सूची का परीक्षण कर उसे संचालक लोक शिक्षण को भेजने का है. अतिशेष शिक्षकों की सूची का परीक्षण और पदस्थापना का आदेश जारी करना भी है.
इसके अलावा जिले में शिक्षक युक्तियुक्तकरण के बाद रिक्त पद न होने की स्थिति में शेष अतिशेष शिक्षकों की सूची संभागीय संयुक्त संचालक को भेजने, अतिशेष व्याख्याता जिनका समायोजन जिला एवं संभाग स्तर पर नहीं हो पा रहा है उसकी सूची संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा संचालक लोक शिक्षण को प्रेषित करना भी है.
ये शिक्षक होंगे अतिशेष
प्राथमिक शालाओं में 60 विद्याथियों पर एक प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक तथा प्रत्येक 30 विद्याथियों पर एक अतिरिक्त सहायक शिक्षक की नियुक्ति होगी.
इसी तरह पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर नियुक्ति एवं युक्तियुक्तकरण किया जाएगा.
विशेष रूप से हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में एक विषय के लिए स्वीकृत पद से अधिक व्याख्याता कार्यरत हैं. उनमें कनिष्ठ व्याख्याताओं को अतिशेष मानते हुए स्थानांतरित किया जाएगा.
यदि किसी स्कूल में अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं तो वहां के नियमित व्याख्याता को अतिशेष की श्रेणी में रखा जाएगा.