आरटीई पोर्टल शुरू होते ही बंद, भटक रहे अभिभावक
छत्तीसगढ़ आरटीई पोर्टल शुरू होते ही बंद, भटक रहे अभिभावक
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में आरटीई यानी शिक्षा का अधिकार पोर्टल शुरू होते ही बंद हो गया है. जिसके चलते निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए नि:शुल्क प्रवेश पंजीयन का काम ठप हो गया है.
अब दोबारा आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से अभिभावक परेशान हो रहे हैं.
नए शिक्षण सत्र 2025-26 में निजी स्कूलों में बीपीएल और पात्र परिवार के बच्चों को दाखिला दिलाने राज्य में जनवरी से आरटीई पोर्टल खोला गया, लेकिन उसमें तकनीकी सुधार नहीं किया गया. अब जब प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करने पोर्टल को ओपन किया गया तब पोर्टल में आवश्यक सुधार करने का ध्यान आया. जिसके चलते पोर्टल को बंद कर दिया गया.
ज्ञात हो कि नए शिक्षण सत्र के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. 1 मार्च से आरटीई पोर्टल को ओपन किया गया. 30 मार्च तक ही आवेदन करने की समय सीमा तय की गई है. पहले दो दिन पोर्टल ठीक चला उसके बाद अचानक बंद हो गया.
शुरूआती दो दिनों में ही प्रदेश भर से 7 हजार 444 आवेदन ऑनलाइन जमा भी हो गए. विभाग द्वारा अब बताया जा रहा है कि पोर्टल को तकनीकी त्रुटि के कारण बंद किया गया है. जिसे सुधारने के बाद जल्द ही पोर्टल फिर से खोला जाएगा.
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पिछले साल प्रवेश में जो गड़बड़ी हुई है, उन्हें ट्रेस करने के लिए पोर्टल में तकनीकी सुधार किया गया है, उसका ट्रायल पूरा होने के बाद फिर से खोल देंगे.
तेजी से घट रही सीटें
आरटीई योजना का लाभ लेने के लिए गरीबी रेखा का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है. इसलिए राजस्व कार्यालय में इन दिनों गरीबी रेखा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पालकों की भीड़ लग रही है.
इसके साथ ही माता-पिता का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की भी अनिवार्यता है.
राज्य में आरटीई की सीटें तेजी से घटाई जा रही हैं. पिछले पांच सालों में प्रदेश भर के निजी स्कूलों की 45 प्रतिशत सीटें घट गई हैं. पिछले साल वर्ष 2024-25 में 54 हजार 668 सीटें थी. इस वर्ष 44 हजार 173 हो गई हैं.
इस तरह 10 हजार 495 सीटें घट गई है. इससे पहले वर्ष 2022-23 में 2 हजार 157 सीटें कम की गई थी. इसी तरह वर्ष 2023-24 में सबसे ज्यादा 25 हजार 583 और वर्ष 2024-25 में 598 सीटें घटी हैं.
इस तरह पांच सालों में 38 हजार 883 सीटें घट गई हैं. शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य भर के 6 हजार 746 निजी स्कूलों में 44 हजार 173 सीटों के लिए दाखिला होना है.