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कल से बदल जाएंगे बैंकिंग, यूपीआई और टैक्स से जुड़े कई नियम

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31 मार्च 2025, 08:30 AM 5 मिनट में पढ़ें 3

बदल जाएंगे नियम
बदल जाएंगे नियम

रायपुर | संवाददाताः कल यानी एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरूआत होने वाली है. वित्त वर्ष के पहले दिन मंगलवार से ही कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. बैंकिंग, यूपीआई और टैक्स से जुड़े कई नियम बदलने वाले हैं. इनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा.


नए वित्तीय वर्ष की शुरूआत के साथ ही बैंकिंग, टैक्स, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, जमा, बचत और जीएसटी से जुड़े कई नियम बदलने वाले हैं.


यह बदलाव एटीएम से पैसे निकालने और यूपीआई ट्रांजेक्शन, बचत खाते, क्रेडिट कार्ड, टैक्स नियमों और डीमैट अकाउंट से जुड़े हैं.


रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए नियमों के तहत अब कोई भी ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम से महीने में सिर्फ तीन बार ही मुफ्त में पैसा निकाल सकेगा. 


नए आयकर नियम में बदलाव

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2025 भाषण के दौरान नए टैक्स स्लैब और दरों में बदलाव की घोषणा की थी.


उन्होंने कहा था कि ये संशोधित आयकर नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे. नए आयकर नियमों के तहत, सालाना 12 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को आयकर का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके अतिरिक्त कर स्लैब में भी बदलाव किया गया है.


उन्होंने इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम के लिए कोई ऐलान नहीं किया था. इसका मतलब है कि नए वित्त वर्ष में टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी इनकम टैक्स की नई रीजीम में बढ़ेगी. 


यूपीआई नियमों में बदलाव 

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई ने यूपीआई को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं.


1 अप्रैल से लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए गए यूपीआई नंबर निष्क्रिय यानी डीएक्टिव हो जाएंगे.


यदि आपका मोबाइल नंबर यूपीआई से लिंक है और आप लंबे समय से इसका इस्तेमान नहीं कर रहे हैं.ऐसे मोबाइल नंबर से बैंकों द्वारा यूपीआई ट्रांजैक्शन को बंद करने वाली है.


यदि आपको यूपीआई ट्रांजैक्शन को जारी रखना है तो 1 अप्रैल से पहले बैंक अकाउंट से नया नंबर लिंक कराना होगा. नहीं तो आपका यूपीआई अकाउंट एक्सेस नहीं हो पाएगा.


क्रेडिट कार्ड नियम में बदलाव

कुछ कार्ड धारकों के लिए रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर के मामले में क्रेडिट कार्ड के नियम भी बदलेंगे.


सिंपलीक्लिक और एयर इंडिया एसबीआई प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड के साथ एसबीआई कार्ड का उपयोग करने वालों को रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर में बदलाव देखने को मिलेगा.


एयरलाइन के एयर इंडिया में विलय के बाद एक्सिस बैंक अपने विस्तारा क्रेडिट कार्ड के लाभों में संशोधन करेगा। जो नए वित्तीय वर्ष में लागू हो जाएंगे.


एसबीआई और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक समेत कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स और अन्य लाभों में कटौती की है.


सेवाओं में क्रेडिट कार्ड के जरिए बिल आदि का भुगतान पर पहले प्वाइंटस मिलते थे अब उनके लाभ का दायरा सीमित कर दिया गया है. 


जीएसटी नियम में बदलाव

1 अप्रैल से जीएसटी नियमों में भी बदलाव होने जा रहे हैं. गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) पोर्टल पर अब मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) होगा, जिसे करदाताओं के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य कर दिया गया है.


ई-वे बिल (ईडब्ल्यूबी) केवल उन आधार दस्तावेजों के लिए बनाए जा सकेंगे जो 180 दिनों से अधिक पुराने नहीं हैं. इसके अलावा वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) व्यवसायों के लिए ई-इनवॉइसिंग प्रक्रिया में भी बदलाव कर रहा है.


एक अप्रैल, 2025 से, 10 करोड़ रुपये से अधिक और 100 करोड़ रुपये तक के सालाना कारोबार वाले व्यवसायों को इनवॉइस जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर इनवॉइस पंजीकरण पोर्टल पर ई-इनवॉइस अपलोड करना होगा. फिलहाल यह पाबंदी सिर्फ 100 करोड़ या उससे अधिक वाले व्यवसायों पर लागू होता है. 


सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी

कई बैंक एक अप्रैल से सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य करने वाले हैं. यदि मिनिमम बैलेंस नहीं है तो बैंक खाता धारकों पर जुर्माना लगा सकते हैं.


एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक और अन्य ऋणदाता 1 अप्रैल से नए न्यूनतम शेष राशि नियमों के साथ अपनी न्यूनतम शेष राशि आवश्यकताओं को अपडेट कर रहे हैं.


लेकिन अलग-अलग बैंकों की मिनिमम बैलेंस लिमिट अलग-अलग हो सकती है. इसलिए बैंक की पॉलिसियों को समझना जरूरी है.


म्यूचुअल फंड में केवायसी अनिवार्य

सेबी के नए नियमों के अनुसार म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट खोलने के नियमों को और सख्त किया है.


सभी निवेशकों को अपने केवायसी और नॉमिनी विवरण को फिर से अपडेट करना होगा.


यदि ऐसा नहीं किया गया तो डीमेट अकाउंट फ्रीज किया जा सकता है. हालांकि आप फ्रीज हुए अकाउंट को फिर से एक्टिव करा सकते हैं.


यदि पैन और आधार लिंक नहीं है तो डिविडेंड और कैपिटल गेन पर टीटीएस ज्यादा कटेगा. इतना ही नहीं टैक्स रिफंड में भी देरी होगी. 


डिजिटल बैंकिंग में बढ़ेगा एआई का उपयोग

बैंकों में डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई का अधिक इस्तेमाल किया जाएगा.


अब टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और पावर्ड चैटबॉक्स के जरिए बैंकिंग सेवाएं ज्यादा सुरक्षित और आसन होंगी.


यूपीआई का उपयोग करने वाले इन बदलाओं के दायरे में सीधे आएंगे. 


अब एफडी में ज्यादा फायदा

एक अप्रैल से फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी और आरडी तथा इस तरह की दूसरी सेविंग स्कीम्स पर बैंक 1 लाख रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटेगा.


लेकिन यह लिमिट वरिष्ठ नागरिकों के लिए तय की गई है. वरिष्ठ नागरिकों की लिमिट को सीधा डबल कर दिया गया है.


इसके पहले ये लिमिट 50 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 1 लाख रुपये कर दिया गया है.


वहीं, दूसरे निवेशकों को भी राहत दी गई है और उनके लिए इस लिमिट को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है. 


इसी तरह कई बैंक सेविंग अकाउंट और एफडी की ब्याज दरों में बदलाव करने जा रहे हैं.


एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और आईडीबीआई बैंक जैसे कई बैंकों ने अपनी एफडी और स्पेशल एफडी के इंटरेस्ट रेट में बदलाव किया है. 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP