'मन की बात' में कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों को सराहा
रायपुर । संवाददाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा की गई. प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में वैज्ञानिक पद्धतियों, जैसे भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट और रिचार्ज वेल के माध्यम से किए जा रहे नवाचारों को पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया.
रायपुर के फाफाडीह स्थिति दया भवन में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और आम नागरिकों के साथ इस कार्यक्रम का श्रवण करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की उपलब्धियों का लगातार उल्लेख किया जाना हर नागरिक के लिए गौरव की बात है.
इससे पहले भी ‘मन की बात’ में मल्हार की पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, तालाबों के जीर्णोद्धार और वृक्षारोपण के कार्यों को केवल शासकीय योजनाओं तक सीमित न रखकर एक व्यापक जन-अभियान का रूप दे रही है. इसके साथ ही, उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में भी लोगों से बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया.
‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.
आगामी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 'हर घर तिरंगा' अभियान को उत्साह के साथ मनाने तथा 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को बढ़ावा देने की अपील की गई.
आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को अपनाने का संदेश दिया गया, जिससे स्थानीय कुम्हारों को रोजगार मिले और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सके. इसके अलावा, विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की बढ़ती उपलब्धियों की भी सराहना की गई.