बलरामपुर में हाथी ने ग्रामीण को मारा, कॉलर आईडी लगाने की तैयारी
छत्तीसगढ़ बलरामपुर में हाथी ने एक और ग्रामीण को मारा
बलरामपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हाथी ने एक और ग्रामीण की जान ले ली. ग्रामीण साइकिल से जा रहा था, उसी समय हाथी ने उसे उठाकर दूर फेंक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
हाथी के हमले से पिछले 10 दिनों में यह छठवीं मौत है. लगातार हो रही घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया.
वन विभाग के मुताबिक मृतक ग्रामीण देवनारायण खैरवार ग्राम चाकी का निवासी था. वह मंगलवार की सुबह साइकिल से जंगल के रास्ते बसकटिया पारा जा रहा था. उसी दौरान अचानक हाथी उसके सामने आ गया. हाथी ने उसे अपनी सूंड में फंसा कर दूर फेंक दिया. सिर के बल गिरने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे. आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग को शव ले जाने से रोक दिया और धरने पर बैठ गए.
इसकी जानकारी मिलते ही एसडीओ फारेस्ट अनिल कुमार पैकरा और रेंजर संतोष पांडेय मौके पर पहुंचे.
ग्रामीण मृतक की बेटी को चौकीदार की नौकरी देने की मांग पर अड़े हुए थे. अधिकारियों द्वारा उक्त मांग को माने जाने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म किया.
पुलिस ने मृतक के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.
10 दिनों में छठवीं मौत
वन विभाग का मानना है कि जिस हाथी ने यह हमला किया है, वह दंतैल हाथी काफी आक्रामक है. इससे पहले यह हाथी बलरामपुर जिले में विचरण कर रहा था.
हाथी ने सबसे पहले रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम फुलवार में सोमवार को अस्मीना नाम की महिला पर हमला कर दिया था. हाथी ने अस्मीना को जमीन पर पटक कर उसके एक हाथ को उखाड़ दिया था. गंभीर रूप से घायल महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था.
वहीं उसका पति उस्मान अंसारी भी घायल हो गया था. इस घटना के बाद हाथी फुलवार गांव से निकलकर रामपुर पहुंच गया था. जहां मंगलवार की सुबह हाथी ने महुआ बिनने खेत जा रहे युवक को कुचल कर मार डाला था.
युवक अंबिकापुर कमिश्नर ऑफिस में चपरासी के पद पर पदस्थ था. इस घटना के अगले दिन बुधवार को हाथी ने पहाड़ी कोरवा महिला गिद्दी कोरवा को मार डाला था.
महिला अपने पति सुखू लाल कोरवा और ग्रामीणों के साथ जंगल महुआ बीनने गई थी. इसके बाद 3 अप्रैल को हाथी ने बलरामपुर जिले के ग्राम घाघरा में किसान दिनेश पोया को मार डाला था.
किसान अपने खेत में लगी फसल में पानी देने गया था. युवक के साथ दो और लोग थे, जिन्होंने बड़ी मुश्किल से भाग कर खुद की जान बचाई थी.
इसके बाद हाथी ने प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम दरहोरा गांव में घुसकर एक ग्रामीण को मार डाला था. ग्रामीण शिवनाथ राम लघुशंका के लिए उठा हुआ था.
दंतैल को ट्रेंक्यूलाइज करने की मिली अनुमति
पिछले दस दिनों से वन विभाग और ग्रामीणों के लिए खतरा बने दंतैल हाथी को ट्रेंक्यूलाइज करने की स्वीकृति शासन ने दी है. स्वीकृति मिलते ही कानन पेंडारी के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.पीके चंदन हाथी की तलाश में प्रतापपुर वन परिक्षेत्र पहुंच गए हैं.
बताया गया कि हाथी काफी आक्रामक हो चुका है. वह दिन-रात तेज रफ्तार से एक जंगल से दूसरे जंगल में भ्रमण कर रहा है. एक दिन में हाथी करीब 40 किलोमीटर लम्बी दूरी तय कर रहा है.
हाथी अब तक बलरामपुर और सूरजपुर वन मंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रामीणों की जान ले चुका है. हाथी के इस व्यवहार को देखते हुए वन विभाग ने दंतैल को ट्रेंक्यूलाइज कर रेडियो कॉलर लगाने का प्रस्ताव भेजा था. जिसकी विभाग ने स्वीकृति दे दी है.
इसके बाद डॉ. चंदन और हाथी पुनर्वास केन्द्र के चिकित्सक डॉ. अजीत पाण्डेय हाथी की तलाश में जंगल का भ्रमण कर रहे हैं.