EWS श्रेणी के उम्मीदवारों को UPSC परीक्षा में मिली छूट
भोपाल | डेस्कः मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के उम्मीदवारों को कई छूटें दी हैं.
कोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा-2025 यूपीएससी के लिए इस वर्ग के अभ्यर्थियों के आयु सीमा में 5 साल की छूट दी है.
साथ ही परीक्षा देने के मौके को भी बढ़ाते हुए 9 बार कर दिया है. इससे पहले 6 बार ही परीक्षा में बैठ सकते थे.
हालांकि यह अंतिम फैसला नहीं है. इस मामले में यूपीएससी मंगलवार को हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश कर सकता है.
ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए राहत की मांग की थी. इस पर सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से माध्यम से पैरवी की.
उन्होंने अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि जब अन्य आरक्षित वर्गों जैसे एससी, एसटी और ओबीसी को अधिक बार परीक्षा देने का मौका और आयु में छूट दी जाती है.
लेकिन ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को इस लाभ से वंचित क्यों रखा जाए.
उन्होंने 10 फरवरी के आदेश का हवाला दिया, जिसमें अधिवक्ता धीरज तिवारी की पैरवी का उल्लेख था.
इस पर हाईकोर्ट ने सहमति जताते हुए यूपीएससी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता सहित सभी समान स्थिति वाले उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे.
चाहे वह मौजूदा आयु और अटेम्प्ट की शर्तों को पूरा कर रहे हो या नहीं.
कोर्ट ने यह भी कहा है कि अंतिम नियुक्ति आदेश बिना उसकी अनुमति के जारी नहीं किए जाएंगे.
शिक्षक चयन परीक्षा में भी राहत
इससे पहले भी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शिक्षक चयन परीक्षा 2024 को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था.
हाईकोर्ट ने तब इस तर्क को स्वीकार करते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर) के आधार पर आदेश दिया कि ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को भी 5 साल की आयु छूट मिलेगी.
इस फैसले से अब 45 वर्ष तक के उम्मीदवार शिक्षक चयन परीक्षा में शामिल हो सकेंगे.