रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

भारत माला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी, दशमेश बिल्डर्स के ऑफिस में EOW की दबिश

H

Hupendra Sharma

30 अप्रै. 2025, 11:21 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

EOW की दबिश
EOW की दबिश

रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में भारत माला प्रोजेक्ट के ज़मीन घोटाले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित दशमेश डेवलपर्स के ऑफिस में दबिश दी.


25 अप्रैल को भी यहां टीम पहुंची थी, लेकिन आफिस बंद होने की वजह से टीम ने उसे सील कर दिया था. आज टीम वहां सारे दस्तावेजों की जांच कर रही है.

विज्ञापन


आरोप है कि मुआवजा राशि गड़बड़ी में कई बिल्डर्स की भूमिका रही है. इनमें से दशमेश इन्स्टावेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का भी नाम है.


इस कंपनी में भावना कुर्रे और हरमीत सिंह खनूजा डायरेक्टर है. भावना अभनपुर के तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे की पत्नी हैं.


4 आरोपी गिरफ्तार

भारत माला प्रोजेक्ट गड़बड़ी मामले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है.


गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरमीत खनूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन शामिल हैं.


गिरफ्तारी के बाद सभी को 26 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया. जहां सुनवाई के बाद ईओडब्ल्यू की मांग पर चारों को 1 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.


गिरफ्तार आरोपियों में उमा तिवारी और केदार तिवारी पति-पत्नी हैं. दोनों को दूसरे की मुआवजा राशि 2 करोड़ रुपए अवैध तरीके से हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.


वहीं हरमीत सिंह खनूजा पर कई किसानों की मुआवजा राशि हड़पने का आरोप है.


जबकि व्यापारी विजय जैन को उमा तिवारी से मिलकर अधिग्रहण का पैसा अवैध तरीके से प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.


इन अधिकारियों के घर छापेमारी

ईओडब्ल्यू की टीम ने 25 अप्रैल को प्रदेश के 20 अधिकारियों के ठिकाने पर छापेमार की थी. इनमें एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी और राजस्व निरीक्षक समेत राजस्व विभाग के कई अधिकारी शामिल हैं.


इनके ठिकानों से जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए थे.


जिन अधिकारियों के घर छापेमारी हुई थी उनमें निर्भय कुमार साहू, जितेन्द्र कुमार साहू, दिनेश पटेल, योगेश कुमार देवांगन, शशिकांत कुर्रे, लेखराम देवांगन, लखेश्वर प्रसाद किरण, बसंती धृतलहरे, रोशन लाल वर्मा, हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, विजय जैन, दशमेश इन्ट्रावेंचर प्रालि, हृदय लाल गिलहरे और विनय कुमार गांधी शामिल हैं.


क्या है मामला

गौरतलब है कि भारत माला प्रोजेक्ट में अभनपुर के इलाके में ज़मीन का अधिग्रहण किया गया था. लेकिन राजस्व अधिकारियों ने जालसाजी करते हुए अधिग्रहण की जाने वाली ज़मीन को 159 खसरों में बांट कर 80 नए नाम रिकार्ड में चढ़ा दिए.


इस तरह जिस ज़मीन के लिए मुआवजा 29.5 करोड़ का होता, उसे 78 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया. 


इसके लिए अधिकारियों ने बैक डेट में ज़मीन के कागज़ों में फेरबदल किया था. मामले में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्र को पत्र लिख कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी.


इसके बाद अभनपुर इलाके में निर्धारित की गई 324 करोड़ मुआवजा राशि में से 78 करोड़ रुपए का भुगतान रोक दिया गया था और मामले की जांच शुरु की गई थी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP