जिसकी गड़बड़ी से रद्द हुई आरक्षक भर्ती, पुनः उसी को जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में जिसकी गड़बड़ी से रद्द हुई आरक्षक भर्ती, पुनः उसी को जिम्मेदारी
राजनांदगांव | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रद्द हुई पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया बुधवार 26 फरवरी से दोबारा शुरू की गई है.
इस बार भर्ती प्रक्रिया छुईखदान के केकती बाड़ी मैदान में आयोजित की गई है.
भर्ती प्रक्रिया में राजनांदगांव, कवर्धा, खैरागढ़ और मानपुर-मोहला जिले के 65 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे.
सबसे बड़ी बात यह है कि जिस हैदराबाद की कंपनी की गलती से पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द हुई थी, दोबारा उसी कंपनी को मौका देते हुए उसी के जरिए फिर से भर्ती प्रक्रिया कराई जा रही है.
इतनी बड़ी गलती करने के बाद सरकार द्वारा उसी कंपनी पर दोबारा विश्वास करना कई सवाल खड़े कर रहा है.
इस बार उक्त कंपनी द्वारा फिर से कोई गलती नहीं होगी इसके लिए कौन जवाबदेह होगा.
राजनांदगांव में नवंबर-दिसंबर महीने में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी.
जिसमें गड़बड़ी होने और एक आरक्षक द्वारा आत्महत्या के बाद इस भर्ती प्रक्रिया को राज्य सरकार ने पूरी तरह से रद्द कर दिया था.
भर्ती में करीब 3 हजार अभ्यर्थियों के अंकों की गलत एंट्री पाई गई थी.
इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम बनाई गई थी. कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई.
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया गया है.
इस बार भर्ती प्रक्रिया का जिम्मा केसीजी जिला के पुलिस अधीक्षक को दिया गया है.
जबकि भर्ती केसीजी जिले के केकती बाड़ी मैदान आत्मानंद स्कूल छुईखदान के सामने कराई जा रही है.
20 हजार अभ्यर्थियों का दोबारा फिजिकल
बताया गया कि करीब 20 हजार ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने दो महीने पहले राजनांदगांव में अपना फिजिकल टेस्ट दे दिया था.
उन अभ्यर्थियों को फिर से दोबारा अपना फिजिकल टेस्ट देना होगा.
जबकि भर्ती में राजनांदगांव, खैरागढ़, कवर्धा और मोहला मानपुर जिले के करीब 66 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे.
प्रतिदिन करबी डेढ़ से दो हजार अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे.
भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दो सौ पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है.
इस वजह से किया गया था रद्द
आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में मशीन में छेड़खानी कर फिजिकल प्रक्रिया के अंक बढ़ाए गए थे. जिसके बाद अपराध दर्ज किया गया था.
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैटिंग, मैसेज एवं गवाहों के बयान के अलावा अन्य सबूत जुटाए गए थे.
आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार आरोपियों में महिला आरक्षक पुष्पा चंद्रवंशी, आरक्षक धर्मराज मरकाम, आरक्षक विकास सिंह राजपुर, आरक्षक कार्तिक देशलहरे, आरक्षक संदरलाल नेताम, नुतेश्वरी दुर्वे, आरक्षक पवन साहू, आरक्षक योगेश धुर्वे और परिधि निषाद शामिल हैं.
इसके अलावा अब मंगलवार को महिला अभ्यर्थी नेहा चंद्रवंशी और मीना पात्रे को गिरफ्तार किया गया है.
हैदराबाद की कंपनी को सौंपी गई फिर जिम्मेदारी
राजनांदगांव में संभाग स्तर पर पुलिस भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी. 16 नवंबर 2024 से भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी.
भर्ती प्रक्रिया के लिए बाहर से टेक्निकल टीम बुलाई गई थी. इसकी जिम्मेदारी हैदराबाद की कंपनी को दी गई थी.
अलग-अलग इवेंट के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी.
फिजिकल टेस्ट के दौरान नंबरों में गड़बड़ी की गई. लगभग हर इवेंट में कंपनी के डाटा एंट्री में अंतर मिला.
मैनुअल नंबर और कंपनी के नंबर अलग-अलग थे. वहीं इवेंट के टाइम और अंक दर्ज करने के टाइम में भी अंतर पाए गए थे.
एकबार फिर उसी कंपनी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है.