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निगम ने मकान ढाह दिया, बच्चे का शव कलेक्ट्रेट में रख कर प्रदर्शन

निगम ने मकान ढहाया, बच्चे का शव कलेक्ट्रेट में रख प्रदर्शन

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Hupendra Sharma

30 मई 2025, 12:28 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन

बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रशासन की निर्ममता का मामला सामने आया है. कैंसर पीड़ित बच्चे का उपचार कराने रायपुर गया परिवार जब बिलासपुर अपने घर लौटा तो उसका घर जमींदोज मिला.


घर टूटने के सदमे से परिवार उबर पाता कि दूसरे दिन ही बच्चे की मौत हो गई. इस घटना से आक्रोशित परिजन बच्चे का शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया. 

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मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने परिजनों से मुलाकात की और सोमवार तक स्थिति की जांच कर उचित सहायता और न्याय का आश्वासन दिया है.


नगर के सरकंडा क्षेत्र के लिंगियाडीह निवासी संतोष यादव और उनकी पत्नी श्रद्धा यादव का 6 साल का बेटा हिमांशु यादव कैंसर से पीड़ित था.


पीड़ित मासूम का उपचार कराने माता-पिता रायपुर गए हुए थे. इसी दौरान नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने के दौरान उनका मकान तोड़ दिया. 


पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसके लिए निगम ने उन्हें ना तो सूचना दी ना ही कोई नोटिस जारी किया. उनके वापस आने का भी इंतजार नहीं किया.


तोड़फोड़ के दौरान घर पर उनके दो बच्चे मौजूद थे. मकान टूटने से दोनों बच्चे बेघर हो गए थे. बच्चों ने इसकी सूचना फोन से परिजनों को दी.


घर टूटने की खबर मिलते ही आनन-फानन में माता-पिता को कैंसर पीड़ित अपने बच्चे का उपचार बंद कराकर वापस बिलासपुर लौटना पड़ा.


यहां आकर देखा तो पूरा घर उजड़ा हुआ था. उनके लिए रहने तक की व्यवस्था नहीं थी. रात भर पीड़ित परिवार को अपने बीमार बच्चे के साथ टूटे हुए घर के बाहर सड़क पर रहना पड़ा.


पीड़ित परिवार का आरोप है कि निगम द्वारा तोड़फोड़ के लिए उनके मकान के केवल 1 कमरे को चिह्नित किया था, लेकिन हमारी गौर मौजूदगी में पूरे मकान को ढहा दिया गया.


इस बीच शुक्रवार की सुबह बीमार बच्चे ने भी दम तोड़ दिया. इस घटना से लोगों का गुस्सा भड़क गया.


मोहल्ले के लोग लामबंद हो गए और नारेबाजी करते हुए सीघे कलेक्ट्रेट पहुंच गए. मुख्य गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. 


पीड़ित परिवार नारेबाजी करते हुए दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई के साथ ही जहां मकान तोड़ा गया है, वहीं मकान बना कर देने की मांग कर रहे थे.


प्रदर्शन के दौरान एक घंटे तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया.


इसके बाद कलेक्टर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. समझाइश के बाद लोग वापस लौट गए. 

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP