स्काईवॉक बिना तथ्य के बयानबाजी कर रही कांग्रेस- मूणत
रायपुर | संवाददाताः राजधानी रायपुर में स्काईवॉक प्रोजेक्ट को लेकर पूर्व मंत्री और रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस नेता बिना तथ्य के बयानबाजी कर रहे हैं. उन्हें ना तो तकनीकी जानकारी है और न ही उन्हें कोई समझ है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले तकनीकी रिपोर्ट पढ़नी चाहिए. उसके बाद उन्हें समझ आ जाएगा. राजनीतिक कारणों से किसी परियोजना को रोकना गलत है. यह काम सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है.
राजेश मूणत ने कहा है कि साय सरकार ने विकास के लक्ष्य को लेकर कार्ययोजना बनाई है. इससे पहले साल 2016 के बजट में प्रावधान के साथ शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक से जेल चौक तक स्काई वॉक बनाने का फैसला किया था. सरकार ने सर्वे कराकर स्काईवॉक को लेकर लोगों की इच्छा जानी थी.
उन्होंने बताया कि तत्कालीन महापौर, सभापति, ग्रामीण विधायक से भी उनकी राय ली गई थी. सभी से इस पर सकारात्मक सुझाव मिलने के बाद ही कार्य की शुरुआत हुई थी.2018 तक काम को पूरा करना था, लेकिन नहीं हो पाया. इस बीच 2018 में सरकार बदल गई. कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक कारणों से इस महत्वांकाक्षी परियोजना को बंद कर दिया.
उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्काईवॉक की जांच के लिए तीन अलग-अलग कमेटियां गठित की थीं. तत्कालीन कलेक्टर एस भारतीदासन की रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि स्काईवॉक को पूरा किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इस रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया.
राजेश मूणत ने कहा कि 2024 तक परियोजना की कार्यकारी एजेंसी का टेंडर कैंसिल नहीं किया गया. अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने डिप्टी सीएम अरुण साव ने स्काईवॉक को लेकर पूरी जानकारी दी है. जिसके बाद बचे हुए 37 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है.
उन्होंने बताया कि स्काईवॉक में सुरक्षा, दुकानों और मेंटेनेंस का भी समुचित प्रावधान किया गया था. इसके अलावा लोगों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इसके लिए आठ स्थानों पर एस्केलेटर लगाने का फैसला किया है.
दीपक बैज ने किया पलटवार
भाजपा विधायक राजेश मूणत की प्रेसवार्ता के बाद अब इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने फिर पलटवार किया है.
बैज ने कहा कि राजेश मूणत जनता से क्यों नहीं पूछते कि उन्हें स्काईवॉक चाहिए या फ्लाईओवर.
उन्होंने कहा कि शहर में पैदल चलने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है. ऐसे में फ्लाईओवर की ज़रूरत है, न कि स्काईवॉक की. यह सिर्फ पैसे खाने का एक जरिया था.
उन्होंने कहा कि यह स्काई वॉक नहीं, कमीशन वॉक है.