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उत्तराखंड में बादल फटा, कुछ ही सेकेंड में गांव तबाह

उत्तराखंड के धराली में बादल फटा, कुछ ही सेकेंड में गांव तबाह

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Hupendra Sharma

05 अग. 2025, 02:20 PM 3 मिनट में पढ़ें 3

उत्तराखंड में बादल फटा
उत्तराखंड में बादल फटा

देहरादून | डेस्कः उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार की दोपहर को बादल फटने से भारी तबाही मच गई है. अचानक आई भीषण बाढ़ से कुछ ही सेकेंड में सब कुछ बर्बाद हो गया.


खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे में धराली का बाजार, मकान और होटल सब कुछ बह गए. इस प्राकृतिक आपदा से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं.

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यह गांव हर्षिल स्थित भारतीय सेना के कैंप से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर है.


प्रशासन का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें बचाव और रेस्क्यू के काम में जुटी हैं.


धराली में बादल फटने से हुई तबाही के बाद पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर गंगा नदी का जलस्तर उफान पर है. जिसको देखते हुए स्थानीय एसडीआरएफ टीम अलर्ट मोड पर है.


टीम द्वारा गंगा नदी के निकटवर्ती तमाम लोगों को नदी से दूरी बनाए रखने के लिए सभी स्थानों पर अनाउसमेंट किया जा रहा है.


वहीं उत्तराखंड मौसम विभाग ने उत्तरकाशी में अगले कुछ घंटों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अभी भी लगातार उत्तरकाशी में बारिश हो रही है.


भारतीय सेना के ब्रिगेड कमांडर ब्रिगेडियर मंदीप ढिल्लन ने बताया कि करीब 1 बजकर 45 मिनट पर धराली गांव में बादल फटने से आपदा आई. धराली गंगोत्री जाने के रास्ते में पड़ने वाला मुख्य पड़ाव है और यहां पर कई होटल, रेस्टोरेंट और होमस्टे हैं.

सेना ने 15 लोगों को बचाया

इस आपदा से गंगोत्री धाम का सड़क संपर्क टूट गया है. पानी और मलबे का एक ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया है.


इस हादसे के समय धराली में स्थानीय और यात्रियों को मिलाकर 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे. भारी बारिश की वजह से हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव का काम नहीं हो पा रहा है.


हर्षिल इलाके में खीरगढ़ नाले के उफान पर होने से तबाही और बढ़ गई. जिस जगह पर भूस्खलन हुआ, उसके पास तैनात भारतीय सेना सबसे पहले राहत कर्मियों में शामिल थी, जिसने करीब 15 लोगों को बचाया

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धराली गांव उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक छोटा पहाड़ी गांव है. यह गांव भागीरथी नदी के किनारे, हर्षिल घाटी के पास बसा हुआ है.


गंगोत्री धाम से पहले यह अंतिम बड़ा गांव है, जहां से लोग आगे की कठिन चढ़ाई के लिए रुकते हैं. यह देहरादून से 218 किमी और गंगोत्री धाम से 18 किमी दूर है. 


रास्ते में एक और भूस्खलन

उत्तरकाशी जिले की एसपी सरिता डोभाल ने बताया कि गांव के लोगों को उनके घरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है. राहत और बचाव कार्य में स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की राजपूत राइफल्स के जवान मौके पर मौजूद हैं.


एसपी ने बताया कि रास्ते में एक और भूस्खलन हो गया है, जिसकी वजह से हमारी कुछ टीमें रास्ते में फंसी हुई हैं. इसके बावजूद प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और बचाव कार्य जारी है.


इस घटना पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दुःख जताया. उन्होंने कहा कि धराली (उत्तरकाशी) क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है. राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, NDRF, जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं. इस सम्बन्ध में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूं और स्थिति की गहन निगरानी की जा रही है. ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP