मुकेश चंद्राकर हत्याकांडः 1241 पन्नों की चार्जशीट पेश
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चन्द्राकर हत्याकांड मामले में विशेष जांच दल यानी एसआईटी ने मंगलवार को कोर्ट में चारों आरोपियों के विरुद्ध 1241 पन्नों की चार्जशीट पेश की है.
यह चार्जशीट 75 दिनों की जांच के बाद सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर तैयार की गई है. एसआईटी ने इस मामले में कुल 72 लोगों को गवाह बनाया है.
एसआईटी टीम प्रभारी बीजापुर एएसपी मयंक गुर्जर मंगलवार को चार्जशीट और केस डायरी लेकर बीजापुर व्यवहार न्यायालय पहुंचे.
उन्होंने बताया कि पूरी जांच के दौरान डिजिटल और फिजिकल साक्ष्य को बारीकी से देखा गया है. प्रकरण में विवेचना के दौरान घटनास्थल तथा आरोपियों से जब्त सामान की एडवांस फॉरेंसिक जांच व डीएनए जांच कराई गई.
साक्ष्य सबूत एवं गवाहों के बयान तथा आरोपियों से की गई पूछताछ के अनुसार क्राईम सीन रिक्रिएशन किया गया.
गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी सुरेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके के खिलाफ यह विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की है.
एएसपी मयंक गुर्जर ने बताया कि एसआईटी टीम के द्वारा विवेचना के दौरान चारों आरोपियों के विरूद्ध पर्याप्त सबूत पाए जाने पर अभियोग पत्र प्रस्तुत कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की पैरवी न्यायालय से की जाएगी.
ज्ञात हो कि पत्रकार मुकेश चन्द्राकर हत्याकांड की जांच के लिए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया था.
इस जांच टीम में 11 लोगों को शामिल किया गया था. टीम ने ढाई महीने तक घटना के हर पहलू की गहन जांच करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है.
11 सदस्यीय जांच टीम में बीजापुर एएसपी मयंक गुर्जर, दंतेवाड़ा एसडीओपी रुचि वर्मा, बीजापुर डीएसपी शरद जायसवाल, जगदलपुर डीएसपी गीतिका साहू, बीजापुर टीआई दुर्गेश शर्मा, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, रिजवान अहमद, फरसगांव टीआई चंद्रशेखर श्रीवास, जगदलपुर टीआई साइबर थाना गौरव तिवारी और बीजापुर एसआई विवेकानंद पटेल और मुकेश पटेल शामिल थे.
सैप्टिक टैंक में मिला था शव
1 जनवरी 2025 की रात ठेकेदार सुरेश चंद्राकर समेत चार आरोपियों ने मिलकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया था.
2 जनवरी को पत्रकार मुकेश के भाई युकेश चंद्राकर ने अपने भाई के लापता होने की लिखित शिकायत बीजापुर थाने में दर्ज कराई थी.
स्थानीय पत्रकारों के साथ-साथ बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर जिला पत्रकार संघ के पत्रकारों ने बस्तर के आईजी सुंदरराज.पी से मुलाकात कर लापता मुकेश चंद्राकर की जल्द से जल्द खोजबीन करने की मांग की थी.
3 जनवरी की शाम पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव एक सैप्टिक टैंक से बरामद हुआ था. मुकेश का शव उसी ठेकेदार के कैंपस में बने सैप्टिक टैंक में मिला था, जिसके ख़िलाफ़ मुकेश चंद्राकर ने एक टीवी चैनल पर सड़क घोटाले की खबर प्रसारित की थी.
इसके बाद 4 और 6 जनवरी को पुलिस ने इस मामले के मुख्य 4 आरोपी सुरेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया था.