CGPSC घोटालाः पूर्व परीक्षा नियंत्रक सहित 5 गिरफ्तार
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के पूर्व सचिव और रिटायर्ड एआईएस जीवनलाल ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को गिरफ्तार कर सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया.
इससे पहले सीबीआई ने आरती वासनिक को हिरासत में लिया था. हालांकि उसे पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया था. आरती वासनिक पर प्रश्न पत्र लीक करने का आरोप है.
दरअसल, सीबीआई को जांच में नए सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर गिरफ्तारियां की गईं. इस घोटाले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
इससे पहले 18 नवंबर को सीबीआई ने तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था.
इसके बाद 10 जनवरी को 5 और आरोपियों को हिरासत में लिया गया. जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष का भतीजा, डिप्टी कलेक्टर चयनित), ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, CGPSC), शशांक गोयल, भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर चयनित) और साहिल सोनवानी (डीएसपी चयनित) शामिल हैं. ये सभी फिलहाल जेल में बंद हैं.
सीबीआई ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है. उन अन्य उम्मीदवारों की भूमिका की भी पड़ताल हो रही है जो धांधली के जरिए चयनित हुए थे.