एंटी नक्सल ऑपरेशन का 5 वां दिन, एक जवान घायल
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ जारी
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कर्रेगट्टा की पहाड़ियों में माओवादियों के साथ पिछले 120 घंटे से जवानों की मुठभेड़ जारी है. माओवादियों के खिलाफ चलाया जा रहा इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है, जिसमें 5 हजार से अधिक की संख्या में जवान बीते 5 दिनों से माओवादियों की मांद में घुसकर सर्च ऑपरेशन चला रहे है.
ऑपरेशन के दौरान शनिवार की सुबह माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी के चपेट में आकर DRG का एक जवान घायल हो गया. जवान के एक पैर में गंभीर चोट आई है, जिसे जिला अस्तपाल मे भर्ती कराया गया है.
बताया जा रहा है कि दोनो तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है.
कर्रेगट्टा की पहाड़ियों की ऊंची चोटी पर बड़ी संख्या में माओवादी मौजूद हैं और जवानों को पहाड़ की चढ़ाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जवान तेज धूप और चुभती गर्मी से डीहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं, लगभग 20 से ज्यादा जवानों को हेलीकॉप्टर की मदद से तेलंगाना राज्य के वेंकटापुरम और भद्राचलम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
वहीं पहले से ऑपरेशन में गए कुछ जवानों को हेलीकॉप्टर से वापस बीजापुर मुख्यालय लाया जा रहा है जबकि अन्य जवानों को इस सर्च ऑपरेशन में भेजा जा रहा है.
यह ऑपरेशन कब तक जारी रहेगा इस पर अब तक किसी भी पुलिस अधिकारी का बयान सामने नहीं आ सका है.
दहशत में हैं आसपास के ग्रामीण
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिस इलाके में मओवादियों की मौजूदगी बताई जा रही है वहां हेलीकॉप्टर से फायरिंग करने के साथ ही यूबीजीएल भी दागे जा रहे हैं.
पुलिस दावा कर रही है कि इस ऑपरेशन में बड़ी संख्या में माओवादियों को नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन अब तक केवल तीन महिला माओवादियों के शव ही जवानों ने बरामद किए हैं.
जिले के पुजारी कांकेर और कर्रेगट्टा, गलगम का एरिया नक्सलियों के लिए सबसे सेफ जोन माना जाता रहा है.
यही वजह है कि इस बार पूरी प्लानिंग के तहत 5 हजार से अधिक की संख्या में जवानों को इन ऊंच पहाड़ियों में ऑपरेशन के लिए भेजा गया है.
वहीं बीजापुर मुख्यालय से लगातार बस्तर आईजी, बीजापुर एसपी और नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी कमलोचन कश्यप के साथ-साथ सीआरपीएफ के आला अधिकारी भी ऑपरेशन की पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
हेलीकॉप्टर की मदद से जवानों तक असला, बारूद और राशन भी पहुंचा रहे हैं. पहाड़ी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में इस ऑपरेशन को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है.
बीते दिनों से लगातार फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीण भी दहशत में हैं.
ऑपरेशन में गए जवानों की बिगड़ रही तबीयत
इधर डिहाइड्रेशन का शिकार हुए जवानों की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है, लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि लगातार तेज गर्मी की वजह से अन्य जवानों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है.
उन्हें भी वेंकटापुरम, भद्राचलम के अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है. हालांकि इनकी संख्या नहीं बताई जा रही है.
यह ऑपरेशन कब तक जारी रहेगा, इस पर भी अब तक किसी भी अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है.
माना जा रहा है कि जिस तरह से जवानों ने नक्सलियों का पीछा करते-करते इस इलाके को घेर रखा है. ऐसे में यहां ऑपरेशन जल्द खत्म होने वाला नहीं है.
फिलहाल छत्तीसगढ़ के डीजीपी समेत बस्तर में तैनात पुलिस के आलाधिकारियों की नजर इस ऑपरेशन में बनी हुई है और लगातार जवानों तक सभी जरूरी सामान हेलीकॉप्टर से पहुंचाए जा रहे हैं.